-60 डिग्री तापमान वाले सबसे ठंडे क्षेत्र में सफर करना चाहते हैं कोडान
बचपनसेपहाड़ों को रौंदने का सपना देखने वाले संजय कोडान के लिए पर्वतारोहण शौक नहीं, बल्कि एक जनून बन चुका है। जनून भी ऐसा सिर चढ़ कर बोला कि पर्वतारोहण के खर्चे के लिए बैंक और दोस्तों से इतना कर्जा उठा लिया कि 38 हजार की सैलरी में से 27 हजार रुपए बैंक लोन के किश्तों में कट रहे हैं। 2013 में एवरेस्ट फतेह कर चुके संजय कोडान एशिया सहित अफ्रीकी महाद्वीप, साऊथ अमेरिका, यूरोप, रूस की उच्चतम पर्वत चोटियों पर सफल चढ़ाई कर अब वर्ल्ड रिकाॅर्ड से केवल 3 कदम की दूरी पर है। कोडान -60 डिग्री तापमान वाले पृथ्वी के सबसे ठंडे क्षेत्र अंटार्किटा के विनसमवैसिक क्षेत्र में कुछ रातें गुजारना चाहते हैं जो सफर सबसे खर्चीला साबित होने वाला है। यहां जाने के लिए उपकरणों सहित लगभग 30 लाख रुपए का खर्चा आने का अनुमान है। इसके लिए कोडान ने अभी से फंडस जुटाने के लिए दौड़-धूप आरंभ कर दी है। उन्होंने फोरेस्ट पीसीसीएफ डाॅ. अमरेन्द्र कौर और मंडल अधिकारी परमजीत सांगवान द्वारा अधिक से अधिक विभागीय मदद उपलब्ध करवाने पर उनका आभार प्रकट किया है। उनकी इस उपलब्धि पर विभाग की ओर से हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कोडान को अवाॅर्ड ऑफ आनर भी दिया है।
अब तक के अपने सफर में कई साथियों को अपने सामने ही मौत की आगोश में जाते हुए देख कर थोड़ा उदास होते हुए संजय कोडान ने कहा कि मंजिल तक पहुंचने के अपने सफर में वह भी शायद ना रहे फिर भी आगे बढ़ता ही रहूंगा और विश्व की सभी ऊंची चोटियों पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा जरूर फहराऊंगा। कोडान ने नेपाल में अपने साथी एक शेरपा को खोया, एवरेस्ट की चढ़ाई के दौरान फ्रांस का एक पर्वतारोही साथी उन्हीं के सामने बर्फ की नुकीली चट्टान पर गिरा और उसका शरीर दो भागों में कट गया, टीम के साथियों ने दुख जताया और थोड़ी देर बाद उन्होने अपना सफर पुन: शुरू किया। गत माह दिसबंर में साउथ अमेरिका अर्जेनटीना की अंकाकागुआ पर्वत की चढ़ाई के लिए चीन, स्पेन, मैक्सिकन, कनाडा सहित 12 सदस्यीय टीम में से संजय कोडान सहित केवल 5 सदस्य ही चोटी पर पहुंच पाए थे, वहां -27 डिग्री तापमान में, सूखे बर्फीले क्षेत्र में एक कनैडियन माइकल को चेस्ट इंफेक्शन के कारण आपात स्थिती में हैलिकाप्टर से रैस्कयू करना पड़ा था।
32 साल कोडान ने बेसिक माउंंटेनियरिंग कोर्स अल्फा ग्रेड के साथ और एडवांस माऊंटेनियरिंग कोर्स भी अल्फा ग्रेड के साथ किया था और वर्ष 2010 से उन्होने पर्वतारोहण आरंभ कर 2013 में एवरेस्ट सहित 5 राष्ट्रीय और 4 अंतर्राष्ट्रीय उच्चतम पर्वतों की चोटियों पर तिरंगा फहरा चुके हैं।
सियाचिन ग्लेशियर पर्वतों पर चढ़ाई कर भारतीय सेना के जवानों के साथ भी कुछ दिन गुजारे हैं।
एवरेस्ट सहित 9 चोटियों पर सफल पर्वतारोहण कर हरियाणा प्रदेश के एकलौते हैं संजय कोडान
}माउंट एवरेस्ट ऊंचाई 8848 मीटर
}माऊंट संतोपंथ ऊंचाई 7075 मीटर
}माऊंट स्टोक कांगड़ी ऊंचाई 6200 मीटर
}काला पत्थर ऊंचाई 6053 मीटर
}आइसलैडं पीक ऊंचाई 6189 मीटर
}माउंट एलब्रस ऊचाई 5642 मीटर
}माऊंट किलीमंजारो ऊंचाई 5895 मीटर
}माउंट अंकाकागुआ ऊंचाई 6962 मीटर