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10 बातें राहु की: ये ग्रह बना सकता है धनवान भी, बस शनिवार को करें 1 उपाय

राहु के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति झूठ, धोखा, छल और कपट जैसी बुरी आदतों का शिकार हो सकता है

Danik Bhaskar | May 12, 2018, 05:28 PM IST

रिलिजन डेस्क। ज्‍योतिष के अनुसार, हमारे जीवन में होने वाली सभी शुभ-अशुभ घटनाएं कुंडली में ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करती हैं। कुंडली में कुल 9 ग्रह होते हैं। इन ग्रहों में राहु को पाप ग्रह माना गया है। ये छाया ग्रह के रूप में हैं। राहु तामसिक है, इस कारण जिन लोगों पर राहु का असर अधिक होता है, वे तामसिक यानी गलत काम की ओर आकर्षित होते हैं। आमतौर पर राहु को अशुभ फल देने वाला ग्रह माना जाता है, लेकिन कुछ स्थितियों में ये ग्रह शुभ फल भी देता है। यहां जानिए कोलकाता की एस्ट्रोलॉजर डॉ. दीक्षा राठी के अनुसार, राहु के शुभ-अशुभ असर…

कुंडली में राहु की शुभ-अशुभ स्थिति

- कुंडली में शनि, शुक्र और बुध लग्न भाव के स्वामी हैं तो राहु शुभ फल दे सकता है। राहु इन ग्रहों का मित्र है।

- अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य, चंद्र, मंगल या चंद्रमा लग्न भाव के स्वामी हैं तो राहु से अशुभ फल मिल सकते हैं। राहु इन ग्रहों का शत्रु है।

- कुंडली में तृतीय, षष्ठम और एकादश भाव में राहु शुभ फल देता है।

- राहु लग्न, पंचम, नवम, दशम में सामान्य फल देता है।

- द्वितीय और सप्तम भाव में मध्यम फल देता है। चतुर्थ, अष्टम और द्वादश भाव में स्थित राहु अशुभ होता है। सटीक फलादेश के लिए यह देखना जरूरी है कि राहु मित्र ग्रह की राशि में है या शत्रु की राशि में।

राहु के शुभ प्रभाव

– जिस व्यक्ति की कुंडली राहु शुभ होता है, वह कठोर स्वभाव वाला एवं प्रखर बुद्धि का व्‍यक्‍ति होता है।

– कुंडली में राहु के शुभ स्‍थान में बैठे होने पर व्यक्ति धर्म का पालन करता है।

– राहु के सकारात्‍मक प्रभाव से इंसान में अद्भुत शक्ति होती है और अध्यात्म के क्षेत्र में नई खोज कर लेता है।

– राहु के शुभ स्‍थान में होने पर व्यक्ति धार्मिक होता है। यश और सम्मान के साथ-साथ धनवान भी बनता है।

राहु के अशुभ प्रभाव

– राहु के अशुभ प्रभाव में व्यक्ति झूठ, धोखा, छल-कपट जैसी बुरी आदतों का शिकार हो जा सकता है।

– राहु के नकारात्‍मक प्रभाव में व्यक्ति चरित्रहीन हो सकता है। वह मांस-मदिरा का सेवन करता है।

– राहु के दुष्‍प्रभाव में इंसान दूसरों को परेशान करने के लिए षड़यंत्र रच सकता है।

– राहु के कुप्रभाव में आकर व्यक्ति अधर्मी हो जाता है और अपने धर्म का पालन नहीं करता।

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