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रिम्स के अाेपीडी-इमरजेंसी में 10 गुना मरीज घटे, हेल्प डेस्क में इतने ही बढ़े

एक वर्ष पहले
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जनता कर्फ्यू से एक दिन पहले शनिवार काे सरकारी व प्राइवेट अस्पतालाें में भी मरीजाें की अावाजाही काफी हद तक कम रही। रिम्स के अाेपीडी अाैर इमरजेंसी में मरीज न के बराबर पहुंचे। इमरजेंसी के सामने वेंटिंग पेलेस, काॅरिडाेर पूरी तरह से खाली रहा। अाेपीडी में राेजाना 300 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। शनिवार काे 30-35 मरीज ही अाेपीडी पहुंचे। मेडिसिन चिकित्सक डाॅ. विद्यापति ने बताया कि काेराेना का भय हर व्यक्ति में है। इस कारण अाेपीडी में मरीजाें की संख्या में 10 गुणा कम हाे गई है। अभी जाे मरीज अा रहे हैं, वे सर्दी-जुकाम के ही अा रहे हैं।

तीन दिनाें में काेराेना हेल्प डेस्क पर रोज 15 से 160 तक मरीज पहुंचे

लाेगाें के मन में काेराेना का डर इस कदर बैठा हुअा है कि जरा सी सर्दी-जुकाम हाेने पर उन्हें काेराेना का डर सताने लगा है। इस डर काे खुद से दूर करने के लिए काफी संख्या में रिम्स के इमर्जेंसी वार्ड के समक्ष खुले काेराेना हेल्प डेस्क में पहुंच रहे हैं। पिछले गुरुवार काे यह हेल्प डेस्क खुला था। पहले दिन 15 मरीज अाए थे। तीसरे दिन इनकी संख्या 160 हाे गई है। हेल्प डेस्क 24 घंटे खुली रहती है। यहां पर मेडिसिन अाैर पीएसएम विभाग के चिकित्सक 24 घंटे माैजूद रहते हैं। एेसे में अाने वाले मरीजाें के द्वारा बताए गए लक्षण के अाधार पर वे बताते हैं कि वे काेराेना संदिग्ध है या नहीं। चिकित्सकाें के अनुसार ज्यादातर मरीज सर्दी-जुकाम के हाेते हंै, जिन्हें कुछ जरूरी मेडिसीन अाैर सावधानियां बताकर छाेड़ दिया है। वहीं काेराेना संदिग्ध काे अाइसाेलेशन वार्ड में भर्ती किया जाता है। उनके ब्लड सैंपल की जांच निगेटिव आने के बाद ही उन्हें छोड़ा जाता है।

दवाई दाेस्त दुकान काे 3000 वाॅशेबल मास्क का अाॅर्डर दिया : रिम्स अधीक्षक


रांची | जनता कर्फ्यू काे लेकर रिम्स पूरी तरह से तैयार है। अधीक्षक डाॅ. विवेक कश्यप ने बताया कि कर्फ्यू के दाैरान रिम्स का इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक रहेंगे। किसी भी अापातकालीन स्थिति के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। लाेग 104 पर काॅल करें। उन्हाेंने बताया कि बीमारी कब, कैसा रूप लें, कुछ कहा नहीं जा सकता। एेसे में रिम्स काेराेना के स्टेज-3 के लिए भी तैयार है। इसके लिए अाइसाेलेशन वार्ड में सैंपल कलेक्शन वार्ड खाेला गया। काेराेना से संबंधित मरीजाें की संख्या अचानक बढ़ती है ताे एेसे में चिकित्सकाें काे इसकी अावश्यकता पड़ेगी। यहां पर मास्क, ग्लब्स के साथ कीट की व्यवस्था की गई है। हालांकि, रिम्स में मास्क, सेनेटाइजर अाैर कीट की कमी है। इसकाे दूर करने की काेशिश की जा रही है। जेल में बंद कैदियाें से मास्क बनवाया जा रहा है। दवाई दाेस्त काे 3000 मास्क देने का अाॅर्डर दिया गया है, जाे वाॅशेबल हाे। वहीं रिम्स में अभी 120 कीट उपलब्ध हैं।

कुल 557 आइसोलेशन बेड बने 414 संदिग्धों की हो रही निगरानी

रांची | राज्य में कोरोना के प्रसार की रोकथाम और प्रभावितों के इलाज के लिए आइसोलेशन बेड की संख्या बढ़ाई गई है। अब राज्य में 557 आइसोलेशन बेड बनाए गए हैं। इसमें राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में 96 बेड तथा जिला अस्पतालों में कुल 200 बेड चिह्नित किए गए हैं। निजी अस्पतालों में भी 261 आइसोलेशन बेड चिह्नित किए गए हंै। इसके अलावा 1083 बेड का क्वारिन्टाइन सेंटर के रूप में तैयार किया गया है। अभी राज्य में कोरोना वायरस की जांच के लिए ब्लड सैंपल एमजीएम जमशेदपुर भेजा जा रहा है। रिम्स में जल्द ही जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य में जिला स्तर पर पांच सदस्यीय सर्विलांस टीम का गठन किया गया है। यह टीम विदेशों से आने वाले यात्रियों की पहचान कर उनको 14 दिनों तक सतत निगरानी में रखेगा। अब तक 414 संदिग्ध सर्विलांस में हैं। इसमें से 121 की 28 दिनों की सर्विलांस अवधि पूरी हो चुकी है। साथ ही जिला स्तर से प्रतिदिन रिपोर्ट राज्य सर्विलांस टीम को भेजी जा रही है। कोरोना वायरस के रोकथाम, बचाव तथा उपचार संबंधित जानकारी टोल फ्री नंबर 104 पर दी जा रही है।

ओपीडी में सन्नाटा... राेजाना 300 मरीज आते थे, शनिवार काे 30-35 मरीज ही पहुंच

कोरोना का प्रसार रोकने के लिए राज्य में ये तैयारी

रिम्स इमरजेंसी में 24 घंटे माैजूद रहेंगे चिकित्सक

हर किसी में भय... मेडिसिन चिकित्सक डाॅ. विद्यापति ने बताया- काेराेना का भय हर व्यक्ति में है। इस कारण अाेपीडी में मरीजाें की संख्या काफी कम हाे गई है।
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