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डाउनलोड करेंभीलवाड़ा/जयपुर. मंगरोप थाना क्षेत्र के चौइला का खेड़ा दांताजती गांव में मां ने ही बेटी का ~3 लाख में सौदा कर दिया। उम्र में 17 साल बड़े चित्तौड़गढ़ जिले के नेवरिया के युवक प्रेम जाट से उसकी शादी करवा दी। तब वह 10 साल की ही थी। मौका पाकर ससुराल से निकली और मां को छोड़ ताऊ के साथ रहने लगी। स्कूल जाने लगी तो ससुराल वाले वहीं पहुंच गए। वहां से उठाकर ले जाने लगे लेकिन प्रधानाध्यापक के प्रयासों से वे सफल नहीं हो पाए। आज वही प्रीति (बदला नाम) सातवीं में पढ़ रही है। अब अपना बाल विवाह शून्य कराने के लिए उसने आखातीज के दो दिन पहले ही बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रार्थना पत्र पेश किया है। प्रीति जिले की पहली लड़की है जिसने अपना बाल विवाह शून्य करने के लिए कोर्ट गई है।
यहां दादी ने ही की बाल विवाह की शिकायत
मांडलगढ़ रोड स्थित सदर थाना क्षेत्र के अगरपुरा गांव में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष को एक दादी ने चिट्ठी लिखकर पोती का बाल विवाह करने की शिकायत की है। हालांकि जब तक यह चिट्ठी पहुंची तब तक उसका बाल विवाह हो गया। लड़की की मां ने ही 11 साल की उम्र में उसकी शादी कर दी।
17 साल की पूजा ने कलेक्टर को दी अर्जी
कलेक्टर मुक्तानंद अग्रवाल को 16 अप्रैल को एक चिट्ठी मिली। इसमें बिजौलिया की पूजा गर्ग ने लिखा कि परिजन उसका बाल विवाह करा रहे हैं। अभी वह पढ़ना चाहती है। इसलिए बाल विवाह रुकवाएं। इस पर कलेक्टर ने एसपी को पत्र लिखा और बाल विवाह रुक गया।
बेटी योगा में चैंपियन बनी तो पिता ने भी दी बाल विवाह तोड़ने की रजामंदी
ंरूपाहेली गांव की राजकुमारी चौधरी बारां में शारीरिक शिक्षक (अनुबंधित) हैं। योगा की राजस्थान टीम की कप्तान रहते हुए 2017 राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। रॉक क्लाइंबिंग और माउंटेनियरिंग के एडवांस कोर्स के लिए चयनित हो चुकी हैं। उसे पता चला कि उसका पति ट्रैक्टर ड्राइवर है और नशा करता है। इतना सब हुआ तो पिता गणेश ने भी शादी तोड़ने की रजामंदी दे दी।
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