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डाउनलोड करेंइंदौर। आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 108 के कर्मचारियों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार रात से हड़ताल की जा रही है। 108 कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से मरीज और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार रात मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने हड़ताली कर्मचारियों से मिलकर उनकी समस्या के समाधान का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। सोमवार को हड़ताली कर्मचारियों और सीएमएचओ की बैठक है, जिसमें आगे की बात पर चर्चा होगी।
35 कर्मचारियों को और रख दिया होल्ड पर
108 एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेन्द्र जोनवाल का कहना है कि इंदौर में 18 कर्मचारियों को नौकरी पर नहीं रखा जा रहा है। समस्याओं के संबंध में एम्बुलेंस सेवा की ठेकेदार कंपनी मुंबई की जिगास्ता हेल्थ केयर के कर्ताधर्ताअों से चार्चा की गई है लेकिन कंपनी के अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे है। रविवार रात सीएमएचओ डॉक्टर एचएन नायक ने हड़ताल को लेकर कर्मचारियों से चर्चा की। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सीएमएचओ ने बजाय कर्मचारियों की समस्या कम करने के उसे और अधिक बढ़ा दिया है। पहले कंपनी द्वारा 18 कर्मचारियों को होल्ड पर रखा गया था वहीं रविवार की रात कंपनी ने 35 अन्य कर्मचारियों को भी होल्ड पर रख दिया है।
डेढ़ साल में नौवीं बार 108 के कर्मचारियों ने काम बंद किया
मप्र में एम्बुलेंस 108 के संचालन का ठेका लगभग 1.5 साल पहले ही मुंबई की जिगास्ता हेल्थ केयर को दिया गया था। पिछले 1.5 सालों में वेतन, काम के घंटे और अन्य परेशानियों के चलते करीब नौ बार एम्बुलेंस का स्टाफ हड़ताल पर जा चुका है।
व्यवस्था करना था लेकिन की नहीं
दूसरी ओर सीएमएचओ डॉ. एचएन नायक का कहना है कि यदि कर्मचारी काम पर नहीं आए तो हम वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे, इसके बावजूद सोमवार तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। मरीज परेशान है। अस्पतालों तक पहुंचने के लिए मरीजों के परिजनों को प्रायवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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