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11.2 करोड़ लोगों ने देखा एशियन गेम्स, फीफा वर्ल्ड कप और विंबलडन से ज्यादा; पिछले गेम्स से तीन गुना ज्यादा

फीफा वर्ल्ड कप को 11 और विंबलडन को 1.9 करोड़ दर्शक मिले

Danik Bhaskar | Sep 08, 2018, 08:21 AM IST

  • 80 लाख रही इस बार एशियाड की हर दिन की औसत व्यूअरशिप
  • इंचियोन गेम्स को 4.09 और ग्वांगझू गेम्स को 3.26 करोड़ लोगों ने देखा


मुंबई. 18वें एशियन गेम्स को भारत में 11.2 करोड़ लोगों ने देखा। दो हफ्ते तक चले इन गेम्स को हर दिन औसतन 80 लाख व्यूअर मिले। टीवी व्यूअरशिप का मेजरमेंट करने वाली एजेंसी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) की रिपोर्ट के अनुसार, एशियन गेम्स की व्यूअरशिप फीफा वर्ल्ड कप और विंबलडन से भी ज्यादा रही।
इस साल रूस में जून-जुलाई में हुए फीफा वर्ल्ड कप को 11 करोड़ दर्शक मिले थे, जबकि विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप 1.9 करोड़ लोगों ने देखी। हालांकि इन सबसे आगे आईपीएल है। इस साल 51 दिन के आईपीएल को 53 करोड़ भारतीय दर्शक मिले थे।

जकार्ता गेम्स की डेली व्यूअरशिप इंचियोन गेम्स से 56 लाख ज्यादा: एशियन गेम्स के दर्शकों में दो साल से ज्यादा उम्र के दर्शक शामिल रहे। इन गेम्स का प्रसारण पांच चैनलों पर हुआ। जकार्ता गेम्स की डेली व्यूअरशिप इंचियोन गेम्स से तीन गुना ज्यादा रही। इंचियोन को रोजाना 26 लाख दर्शक मिले थे। जबकि इस बार 80 लाख। इंचियोन गेम्स (2014) को 4.09 करोड़ और ग्वांगझू गेम्स (2010) को 3.26 करोड़ दर्शकों ने देखा था।

एथलेटिक्स को मिले सबसे ज्यादा दर्शक: एशियन गेम्स की व्यूअरशिप रियो ओलिंपिक से कम जबकि गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ से ज्यादा रही। 2016 में हुए ओलिंपिक को 20.1 करोड़ भारतीय दर्शकों ने देखा था, जबकि कॉमनवेल्थ (2018) गेम्स को 8.84 करोड़ दर्शक मिले थे। एशियाड में एथलेटिक्स, बैडमिंटन और रेसलिंग को सबसे ज्यादा व्यूअरशिप मिली। एथलेटिक्स को 3.81 करोड़, बैडमिंटन को 2.92 करोड़ और रेसलिंग को 2.74 करोड़ लोगों ने देखा। भारत ने एथलेटिक्स में 19 मेडल जीते थे।