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डाउनलोड करेंग्रेटर नोएडा. शहर के सूरजपुर एरिया के गुलिस्तांपुर गांव में रहने वाले 12वीं के छात्र तरुण शर्मा (t) की हत्या के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम अरुण और साजिद हैं। मुख्य आरोपी अरुण छात्र तरुण के घर में तीन साल से किराए पर रहता था, जबकि दूसरा आरोपी साजिद अरुण का दोस्त है। आरोपियों ने छात्र तरुण का गुरुवार को अपहरण किया था। ये था मामला...
- आरोपी अरुण उसके परिवार से 20 लाख रुपए की फिरौती लेना चाहता था। हालांकि छात्र के 19 साल के होने और उसे कई दिनों तक कहीं छुपाकर रखने की दिक्कत आई। इसलिए आरोपी ने पहले तरुण का रस्सी से गला घोंटकर हत्या की और फिर शव को गांव के पास शनि मंदिर से कुछ दूरी पर ही कूड़े के ढेर में दबा दिया।
- इसके बाद छात्र के मोबाइल फोन से ही तरुण के घरवालों को कॉल कर आरोपी फिरौती लेने का प्लान कर रहा था।
तरुण की बहन की शादी में हुए खर्च को देखकर बनाया उसके अपहरण का प्लान : आरोपी अरुण
- अरुण ने बताया कि 22 जनवरी को ही तरुण की बहन की शादी काफी धूमधाम से हुई थी। उसे देखकर यह लग गया था कि उसके पिता के पास काफी पैसा होगा।
- तरुण से बड़ी दो बहनें ही थीं और दोनों की शादी हो गई। इसलिए इकलौते भाई के लिए उसके परिवार के लोग कोई भी कीमत दे सकते थे।
- यह सोचकर काफी समय से दिमाग में चल रहा था कि कैसे बड़ा हाथ मारा जाए। इस बीच, मेरी पत्नी भी गर्भवती थी और आने वाले दिनों में घर का खर्चा बढ़ने वाला था।
- फैक्ट्री में काम ठीक नहीं चल रहा था। इसलिए अपने दोस्त साजिद के साथ मिलकर प्लान किया था कि तरुण को अपहरण करके 20 लाख रुपए तक की फिरौती मांग लेंगे।
क्राइम सीरियल से सीखा फिरौती मांगने का तरीका
- हत्या के बाद जैसे क्राइम सीरियल में मृतक के फोन से ही फिरौती मांगी जाती थी, वैसे ही अरुण ने तरुण के फोन से घरवालों को फोन किया। मगर किसी ने फोन नहीं उठाया इसलिए शव को दबाकर घर लौट आए।
- अरुण ने बताया कि अब प्लान था कि कुछ दिन बाद पत्नी के साथ कमरा छोड़कर दूर चले जाते और फिर तरुण के फोन से ही फिरौती मांगते।
हर गुरुवार साईं मंदिर जाता था तरुण
- पुलिस ने बताया कि छात्र तरुण शर्मा गुरुवार की शाम करीब 5 बजे के बाद ही घर से साईं मंदिर जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद उसके पिता सुभाष शर्मा और दो बहनें दिव्या व माधुरी के साथ अपने रिश्तेदार की सगाई समारोह में चले गए थे। घर पर तरुण की मां ही थी।
- गुरुवार देर रात 10 बजे के आसपास तक जब तरुण घर नहीं पहुंचा तब तलाश शुरू की गई। उस समय तक आरोपी किरायेदार अरुण भी कमरे पर लौट आया था।
- इसके बाद वह भी उसकी तलाश करने में शामिल हो गया था। परिवार के लोगों के साथ छात्र के लापता होने पर दुख भी जताता रहा।
ऐसे मिला सुराग
- 12 अप्रैल की दोपहर और शाम के बीच तरुण और आरोपी अरुण के बीच फोन पर चार बार बात हुई थी।
- कॉल डिटेल से इस बात का पता चला तब घरवालों ने खुद ही शुक्रवार शाम को अरुण से पूछताछ की।
- इस पर अरुण ने तरुण को फोन करने से साफ मना कर दिया। इसी बात से शक बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने अरुण से पूछताछ की तब उसने वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली और शुक्रवार देर रात में ही शव को बरामद भी करा दिया।
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