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डाउनलोड करेंरेवाड़ी। शहर के सरकुलर रोड स्थित पीएनबी की चेस्ट ब्रांच में पेट्रोल पंप का कैश जमा कराने आए कर्मचारी का 21 लाख 76 हजार रुपए से भरा बैग चोरी कर लिया गया। पहले से ही बैंक में मौजूद तीन-चार युवकों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। कैशियर से बात करते समय कर्मी का ध्यान हटते ही युवक बैग लेकर फरार हो गए। पूरी घटना सीसीटीवी में भी कैद हो गई।
- बड़ी चोरी की यह वारदात इतनी आसानी से अंजाम दे दी गई और बैंक के किसी कर्मचारी या वहां मौजूद लोगों को भनक तक नहीं लगी।
- पुलिस कई घंटों तक सरकुलर रोड पर आसपास की दुकानों में लगी सीसीटीवी खंगालती रही, लेकिन यह पता नहीं लग पाया कि आखिर आरोपी किस तरफ निकल गए।
- डीएसपी सतपाल यादव का कहना है कि पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं, जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। वारदात में तीन से चार युवक शामिल हैं।
साथियों का इशारा, थैला उठाकर युवक रफूचक्कर
- सीएमएस कंपनी द्वारा पीएनबी के फील्ड से कैश कलेक्शन का कांट्रैक्ट लिया हुआ है।
- शुक्रवार को एनएच-8 पर खेड़ा बॉर्डर के निकट बालाजी पेट्रोल पंप का कैश कलेक्ट कर कंपनी कर्मचारी नारनौल निवासी नंदकुमार इसे जमा कराने के लिए शहर की मुख्य पीएनबी शाखा पहुंचा था।
- नियमानुसार यहां पर कम कैश काउंटर पर ही जमा कर लिया जाता है, जबकि बड़ी रकम सीधी चेस्ट में ही जमा हाेती है।
- नंदकुमार ने कैश काउंटर पर राशि जमा कराने के बाद चेस्ट में जमा कराने के लिए 21 लाख 76 रुपए से भरा बैग काउंटर के पास नीचे ही रख दिया और खुद कैशियर से बात करने लगा।
- इसी दौरान नंदकुमार पर पहले से नजर रखे युवकों ने तेजी से बैंक के गेट की तरफ जाकर अपने साथी को इशारा किया।
- एक युवक अंदर आया तथा पैसों से भरे बैग को उठाकर चुपके से बाहर की तरफ निकल गया। पुलिस ने नाकाबंदी भी की, मगर आरोपियों को नहीं पकड़ा जा सका।
पूरी तैयारी थी... बैग रखने से उठाने तक महज 30 सेकंेड लगे :
- सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहे समय के मुताबिक दोपहर 12 बजकर 29 मिनट 22 सेकंड पर कर्मचारी ने बैग काउंटर के पास रखा तथा कैशियर से कुछ बात करने लगा।
- दो-तीन युवक पहले से बैंक में थे, वो तुरंत बैंक के निकास की तरफ जाते हैं तथा तैयार खड़े अपने साथी को इशारा देते हैं। युवक लाल शर्ट पहने आता है 12 बजकर 29 मिनट 52 सेकंड पर बैंक का गेट पार कर जाता है।
- दो मिनट तक कंपनी कर्मी नंदकुमार को बैग चोरी होने का पता भी नहीं लगा। फिर जब उसने अपना दूसरा बैग उठाया तो देखा कि उसका एक बैग गायब था।
- उन्होंनें सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इसमें बैंक के अंदर की घटना तो नजर आ रही है, लेकिन बाहर युवक किस वाहन पर भाग निकले कुछ पता नहीं लग पाया।
- बैंक की फुटेज सड़क पर सामने की है। युवक बांई तरफ मुड़े, फिर आगे की फुटेज किसी दुकान से भी नहीं मिल पाई।
ये हुई चूक - बैग काउंटर के पास ही नीचे रख दिया
- घटना की वजह तलाशें तो दो बड़ी चूक भी इसकी जिम्मेदार हैं। पहली ये कि कर्मी ने लापरवाह तरीके से बैग को काउंटर के पास नीचे रख दिया।
- इसके बाद इसे देखा तक नहीं। हालांकि बैग जहां रखा था वहां छोटा एंट्री गेट लगा था, लेकिन उसे बंद नहीं किया गया था। इस कारण आसानी से वारदात अंजाम दे दी गई।
बैंक में आने-जाने पर कोई रोक-टोक नहीं
- बैंक में गार्ड किसी आने वाले से पूछताछ या रोकटोक तक नहीं करता। कैश जमा कराने आए कर्मचारी पर नजर रखने वाले युवक बैंक के अंदर ही फोन पर भी बात करते नजर आ रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं रोका गया।
- यदि चोरों से जाते समय कुछ भी पूछा जाता तो हो सकता है संदेह में पकड़े जाते। बैंक मुख्य प्रबंधक एसएस गुप्ता का तर्क है कि रोक-टोक से बैंक आने वाले कई लोग अपमानित महसूस करते हैं।
- फिर भी आगे से व्यवस्था करेंगे।
शहर में लगे कैमरे किसी काम के नहीं
- शहर में 10 लाख रुपए की लागत से लगे सीसीटीवी कैमरे पहले से ही बंद पड़े हैं, इसलिए उनसे कोई मदद मिल पाती ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता।
- इन कैमरों को लगवाने के लिए सांसद निधि कोष से केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने 10 लाख रुपए दिए थे। वर्ष 2016 में कैमरे लगे उसके कुछ दिन बाद से ही ये कैमरे खराब होते गए।
- जनता की टैक्स की ये राशि एक तरह से प्रशासन की निष्क्रियता से बेकार ही हो रही है।
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