25 लाख रु. का बॉन्ड भरने पर विनोद बगई को मिली जमानत
हरियाणा स्टेट कंज्यूमर रिड्रेसल कमीशन के कड़े रुख के बाद बुधवार सुबह 9 बजे पुलिस ने समर एस्टेट के एमडी विनोद बगई को गिरफ्तार कर कमीशन के सामने पेश किया। समर एस्टेट के एमडी ने कमीशन के सामने 5-5 लाख रुपए के 2 चेक पेश किए। साथ ही जमानत के लिए 25 लाख रुपए का बॉन्ड भरा। जिसके बाद कमीशन ने समर एस्टेट के एमडी को जमनात दे दी। कमीशन ने बगई को कहा कि 19 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई में प्रिंसिपल अमाउंट जमा करवाएं। 24 फरवरी को हरियाणा स्टेट कंज्यूमर रिड्रेसल कमीशन की ओर से की गई सुनवाई में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताई गई थी।
कमीशन ने पुलिस को 19 मार्च तक कमीशन के समक्ष गिरफ्तार कर पेश करने को कहा था और ऐसा नहीं करने पर मामले की पूरी जानकारी डीजीपी हरियाणा को दिए जाने की बात कही थी। समर एस्टेट के एमडी की गिरफ्तारी राजबाला वर्सेज समर एस्टेट केस में हुई है।
ये है मामला... 2007 में सेक्टर-7 स्थित समर एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से सेक्टर 20 में 14.568 एकड़ में एसवी अपार्टमेंट प्रोजेक्ट शुरू किया गया। प्रोजेक्ट की प्लानिंग के तहत 3 फेजों में कुल 24 टावरों में 925 फ्लैट बनाए जाने थे। जिसमें से 464 फ्लैट्स बनाए गए और उसे 464 अलॉटियों को बेचा गया। फ्लैट की एवज में अलॉटीज से समर एस्टेट ने करोड़ों रुपए वसूले, लेकिन अाज तक उन्हें फ्लैट का पजेशन नहीं दिया। अलॉटियों को उनके फ्लैट्स का पजेशन नहीं दिए जाने और अलॉटियों की ओर से समर एस्टेट के खिलाफ हरेरा में शिकायत दी है जिस पर सुनवाई चल रही है।
कमीशन ने पुलिस को 19 मार्च तक कमीशन के समक्ष गिरफ्तार कर पेश करने को कहा था और ऐसा नहीं करने पर मामले की पूरी जानकारी डीजीपी हरियाणा को दिए जाने की बात कही थी। समर एस्टेट के एमडी की गिरफ्तारी राजबाला वर्सेज समर एस्टेट केस में हुई है।
कमीशन ने कहा था राजबाला का पैसा वापस करो: सेक्टर 4 निवासी राजबाला ने 2011 में समर स्टेट की ओर से सेक्टर 20 में बनाई जा रही सोसायटी में थ्री बेड रूम व सर्वेंट रूम फ्लैट के लिए बुक करवाया था। बुकिंग अमाउंट के तहत उन्होंने 18 लाख रुपए दिए थे। उन्हें 2014 तक फ्लैट का पजेशन दिए जाने का आश्वासन दिया गया था। 2014 तक फ्लैट का पजेशन नहीं मिलने के बाद वह बार-बार समर स्टेट के ऑफिस का चक्कर लगाती रहीं, लेकिन उनकी किसी ने सुनवाई नहीं की। जिसके बाद वह व उनके घरवालों ने कई बार समर स्टेट के ऑफिस का चक्कर लगाए, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी और न उनका पैसा वापस किया गया। जिसके बाद राजबाला मामले की शिकायत हरियाणा स्टेट कंज्यूमर रिड्रेसल फोरम में दी थी। फोरम ने प्रिंसिपल अमाउंट 18 लाख रुपए सहित ब्याज कंज्यूमर को देने का फैसला सुनाया था।
15 अप्रैल को हरेरा में है सुनवाई
समर एस्टेट मामले की सुनवाई हरेरा कोर्ट में 15 अप्रैल को है। दरअसल हरेरा कोर्ट की ओर से फरवरी महीने में समर एस्टेट के एमडी के खिलाफ जारी अरेस्ट वारंट जारी किया गाय था। जिसके खिलाफ समर एस्टेट के एमडी पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने मामले में स्टे लगा दिया। जिसके बाद हरेरा की ओर से मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को रखी है। इस बीच हरेरा की ओर से हाईकोर्ट के समक्ष समर एस्टेट मामले से जुड़े फैक्ट्स पेश करेगा।