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डाउनलोड करेंजयपुर. सरकार ने सोमवार को एक साथ 26 नई अदालतें खोले जाने के लिए अधिसूचना जारी कर दी। जयपुर में तीन और जोधपुर, उदयपुर एवं भीलवाड़ा में एनआई एक्ट के लिए एक-एक स्पेशल कोर्ट खोलने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। प्रदेश में जिन अदालतों को खोलने की घोषणा की गई है उनमें दो एमएसीटी, सात जेएम और 11 एसीजेएम कोर्ट शामिल हैं।
- विधि विभाग के संयुक्त सचिव डा. कैलाश चंद्र अटवासिया के अनुसार इन सभी अदालतों की स्थापना के लिए आवश्यक बजट और पीठासीन अधिकारी सहित तय स्टाफ की भी स्वीकृतियां जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बजट के दौरान प्रदेश में 36 नई अदालतें खोलने की घोषणा की थी। इनमें से 26 की अधिसूचना जारी कर दी गई है। दस एडीजे कोर्ट की अधिसूचना भी आने वाले दिनों में जारी किए जाने की संभावना है।
जयपुर, आमेर सहित प्रदेश में 11 एसीजेएम
- इसी तरह वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट-23 जयपुर महानगर आमेर और जयपुर महानगर-24 के लिए पीठासीन अधिकारी, स्टेनोग्राफर व रीडर के दो-दो, कनिष्ठ लिपिक के छह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के चार पदों सहित कुल 16 पदों की स्वीकृति दी है। इसी तरह वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बहरोड़, गुड़ामालानी, कामां, नगर, सरदारशहर, किशनगढ़-रेनवाल, पिलानी पीपाड़ एवं फलौदी के लिए पीठासीन अधिकारी, स्टेनोग्राफर एवं रीडर के नौ-नौ, कनिष्ठ लिपिक के 54 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 72 पदों सहित 153 पदों की स्वीकृति दी है। न्यायालयों मे फर्नीचर एवं टेलीफोन के लिए प्रत्येक न्यायालय के तीन लाख दो हजार रुपए भी स्वीकृत किए गए हैं।
सूरतगढ़, फलौदी, बाड़मेर, नीमकाथाना व गुड़ामालानी में सिविल न्यायालय
- विधि विभाग के अनुसार जयपुर महानगर में अपर सिविल न्यायाधीश एवं अपर महानगर मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या-36 एवं 37 के लिए पीठासीन अधिकारी सहित 18 पदों की स्वीकृति दी गई है। सूरतगढ़, फलौदी, बाड़मेर, नीमकाथाना एवं गुड़ामालानी में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालयों की अधिसूचना भी जारी कर दी गई। इनके लिए पीठासीन अधिकारियों सहित 95 पदों की स्वीकृति दी है।
बूंदी व भीलवाड़ा में एमएसीटी कोर्ट
विधि विभाग ने भीलवाड़ा में नवसृजित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संख्या-दो और बूंदी में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संख्या- दो के सृजन की अधिसूचना भी जारी कर दी है। इन अदालतों के लिए पीठासीन अधिकारी, शीघ्रलिपिक ग्रेड-दो, रीडर एवं कनिष्ठ लेखाकार के दो-दो पद, कनिष्ठ लिपिक के 6 पद एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 12 पदों सहित 26 पदों की स्वीकृति दी है। ऑफिस स्थापित करने के लिए प्रत्येक कोर्ट को चार लाख 82 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। हाईकोर्ट की ओर से अंतरित प्रकरण यह अदालतें सुनेगी।
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