वैज्ञानिक अनुसंधान के 3 उद्देश्य : राष्ट्रपति
वैज्ञानिक अनुसंधान के 3 उद्देश्य : राष्ट्रपति
कोविंद ने कहा कि मोहाली ज्ञान की अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और जैवसूचना विज्ञान का केंद्र बन गया है और आईआईएसईआर को संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र का आधार बनना चाहिए।
उन्होंने कहा, \"\"निरंतर राष्ट्र निर्माण में पहले विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका होनी चाहिए। जिस प्रकार हमारा राष्ट्र विकास की दिशा में अग्रसर है और हमारा समाज बदल रहा है, उसी प्रकार हमारी जरूरतें भी बदल रही हैं। फिर भी विकासपरक सवालों के जवाब तलाशने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी की आवश्यकता हमेशा बनी रहेगी।\"\"
राष्ट्रपति ने कहा कि देश के सामने जलवायु पर्वितन से लेकर उत्पादन लागत में कमी लाने, प्रभावकारी स्वास्थ्य सेवा के समाधान तलाशने, किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और पानी की कमी की चुनौतियों का सामना करने से जुड़े सवाल हैं।
उन्होंने कहा, \"\"दूसरा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को व्यापार और उद्योग के साथ परस्पर सहजीवी का संबंध है। उत्पादों का अन्वेषण और नवोन्मेषी प्रक्रम, प्रयोगशालाओं के अध्ययन का उपयोग वाणिज्यिक रूप से व्यावहारिक उत्पादों में करना, दक्षता बढ़ाने में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना, उद्यम और रोजगार जैसे कई क्षेत्र हैं, जहां विज्ञान और वाणिज्य में तालमेल हो सकता है।\"\"
उन्होंने कहा, \"\"तीसरा, वैज्ञानिक शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों का मौलिक नवाचार करने और ज्ञान की सीमाओं को विस्तार देने में अहम स्थान है। यह बुनियादी और मेरे विचार से वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।\"\"
कोविंद ने स्वर्णपदक हासिल करने और अकादमिक प्रदर्शन में बेहतर करने के लिए लड़कियों की प्रशंसा की। संस्थान के 152 स्नातकों में 40 फीसदी लड़कियां हैं। अकादमिक विशिष्टता के चार पुरस्कारों में तीन लड़कियों ने जीते।
--आईएएनएस