जिले के 11 आइसोलेशन वार्ड में 30 बेड तैयार, होम क्वारेंटाइन किए गए लोगों पर प्रशासन की नजर

Gumla News - कोरोना वायरस से जिले को बचाने की कोशिशों की जानकारी देते हुए उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने बताया कि अन्य...

Mar 27, 2020, 07:52 AM IST

कोरोना वायरस से जिले को बचाने की कोशिशों की जानकारी देते हुए उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने बताया कि अन्य जिलों से आए 17 सौ लोगों का क्वारिंटाइन सबसे चुनौतीपूर्ण है। इस चुनौती से निपटने में वार्ड स्तर पर बनाई गई समितियों की सबसे अहम भूमिका है। 94 पंचायतों वाले इस जिले में यदि करीब एक हजार की संख्या वाली वार्ड समितियों ने ईमानदारी से काम किया तो हमलोग कोरोना को हरा देंेगे। डीसी बरणवाल अपने आवासीय कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करके संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। डीसी ने बताया कि जिले में विदेश से लौटने वालों की संख्या सिर्फ तीन है और यह राहत की बात है। लेकिन दस प्रखंडों के गांव-गांव में आए डेढ़ हजार से ज्यादा लोगों को घर के अंदर परिवार के साथ रोककर रखना सबसे कठिन हो रहा है। उपायुक्त ने कहा कि होम क्वारिंटाइन का पालन नहीं करने वाले लोगों पर सख्ती बरती जाएगी और प्रशासन उन्हें अपने क्वारिंटाइन में ले लेगा। वार्ड स्तरीय समिति के द्वारा उन घरों के बाहर क्वारिंटाइन का पोस्टर लगाना शुरू कर दिया है जहां अन्य प्रदेशों से परिजन आए हुए हैं। डीसी ने बताया कि जिला मुख्यालय तथा प्रखंडों में कुल 11 आइसोलेशन वार्ड तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें 30 बेड लगाए गए हैं।

बाहर से लौटे लोगों का क्वारिंटाइन सबसे ज्यादा चैलेंजिंग

अन्य राज्यों से आए लाेगों तथा उनके परिवार के जरिए कोरोना वायरस के फैलने के खतरे को सबसे ज्यादा चैलेंजिंग बताते हुए उपायुक्त ने कहा कि जरूरी हुआ तो डिजास्टर मैनेजमेंट की धारा 188 के तहत उल्लंघन करने वाले लोगों को जेल में बनाए गए क्वारिंटाइन में भी रखा जा सकता है। शहर के सभी होटलों को क्वारिंटाइन का स्थान बनाने के लिए प्रशासन ने चिह्नित कर लिया है। इसके अलावा महिला कॉलेज के नए भवन एवं सभी प्रखंडों में एक एक हॉल क्वारिंटाइन के लिए रखे गए हैं।

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