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प्लाइट के वॉशरूम से मिले साढ़े तीन किलो सोने के 30 बिस्किट, फ्लाइट को ट्रैक नहीं कर सके स्मगलर और हो गई चूक

3 वर्ष पहले
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इंदौर. सोमवार रात 10.50 बजे दिल्ली से आए जेट एयरवेज के विमान (9डब्ल्यू-793) के वॉशरूम से साढ़े तीन किलो सोने के 30 बिस्किट मिले हैं। समझा जा रहा है कि यह भी पहले सामने आए मामलों की तरह ही है जिसमें तस्कर ऐसा विमान चुनते जो विदेश से आने के बाद घरेलू सेवा में भी उड़ान भरता था। इस तरह छिपे हुए सोने पर कस्टम ड्यूटी बचा ली जाती। 1. 13 करोड़ रु. का 3.5 किलो सोना...

 

- यह विमान रात को इंदौर में ही रुकता है और अगली सुबह 6.10 बजे मुंबई रवाना होता है। जेट के सुरक्षा अधिकारी अभिजीत नायक ने रात में ही इसकी सूचना कस्टम विभाग को दी।

- कस्टम ने डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) को बताया। डीआरआई ने रात 2 बजे बिस्किट जब्त किए।

- विमान दुबई से दिल्ली होते हुए इंदौर आया। सोने की कीमत 1 करोड़ 13 लाख 79 हजार रुपए है। 
- हर बिस्किट का वजन 116.63 ग्राम के करीब है।

 

विदेश से आकर घरेलू उड़ान भरने वाले विमान में सोना छिपा कस्टम से बचते थे​


 

एयरपोर्ट पर जेट एयरवेज की फ्लाइट से जब्त हुए साढ़े तीन किलो सोने के 30 बिस्किट यूएई की एआरजी कंपनी के हैं। सूत्रों की मानें तो स्मगलिंग के तहत इस तरह के प्रयास किए जाते हैं। संभावना है कि इस विमान को ट्रैक करने में हुई चूक के कारण इसमें से सोना निकाला नहीं जा सका। ऐसा भी बताया जा रहा है कि संभवत: इस विमान को कहीं और जाना था और यह इंदौर आ गया, जिस कारण मामला पकड़ा गया।
दुबई या गल्फ कंट्री से यात्री अपने साथ सोना खरीदकर लाते हैं। वहां से इस तरह से सोना लाने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन भारत में सोने के बिस्किट (बुलियन) लाना अवैध है, इसलिए इसे विमान में ही छुपा देते हैं।

 

बाद में विमान को ट्रैक करते हैं कि यह अंतरराष्ट्रीय मार्ग से आने के बाद देश में डोमेस्टिक फ्लाइट के रूप में कहां जा रहा है। इस तरह उस विमान में सफर करते हुए छुपाकर रखा गया सोना निकाल लेते हैं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट से आने पर यात्री के सामान की जांच होती है, लेकिन डोमेस्टिक फ्लाइट में आने वाले यात्रियों की जांच नहीं होती है। इसमें अवैध काम करने वाले यात्रियों के साथ ही बड़े स्तर पर कई शासकीय विभागों और एयर लाइंस तक के लोग मिले होते हैं। बताया जाता है डीआरआई दुबई एयरपोर्ट से जानकारी निकालेगा कि वहां से इतना सोना लेकर कौन आया था? 

 

देश में सोना खरीदने पर लगता है टैक्स

 

देश के अलग-अलग शहरों में जेवर बनाने के लिए ज्वेलर्स बैंकों और शासन द्वारा अधिकृत संस्था से ही सोना खरीद सकते हैं, इसलिए उन्हें इस खरीदी और इससे बने जेवर की पूरी बिक्री और उस पर सभी कर चुकाने होते हैं, इससे बचने के लिए ही सोने की स्मगलिंग होती है। सोना लाने के लिए गल्फ कंट्री सबसे पसंदीदा रहती है।

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