पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंइंदौर. मध्यप्रदेश के धार जिले में एक चार साल की मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या के दोषी को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। दोषी युवक की उम्र 19 साल बताई गई है। जानकारी के मुताबिक, 5 महीने पुराने इस केस की सुनवाई 153 दिनों में पूरी हो गई। इस दौरान जज ने 20 गवाहों और डीएनए एक्सपर्ट्स के बयान के आधार पर अपना फैसला सुनाया। इसमें उन्होंने लिखा, “बेटियां खुदा की रहमत हैं और उन्हें क्षत-विक्षत लाश के रूप में बदलने वाला अपराधी उदारता के लायक नहीं है।” गौरतलब है कि ये एक महीने के अंदर दूसरा मामला है, जिसमें दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई हो।
कोर्ट ने फैसले में लिखा...
- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अकबर खान ने 50 पेज के फैसले में लिखा, "बेटियां खुदा की रहमत है और उन्हें क्षत-विक्षत लाश के रूप में बदलने का अपराधी उदारता के लायक नहीं। सामाजिक दृष्टि से व कानूनी दृष्टि से आरोपी द्वारा किया गया कृत्य क्षम्य नहीं है और विरले से विरलतम मामले की श्रेणी में आता है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए मृत्युदंड दिए जाने से ही न्याय की पूर्ति संभव है।"
एक नजर केस पर...
- घटना के 19 दिन बाद ही पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश कर दिया था।
- न्यायालय ने 15 कार्य दिवस में सुनवाई पूरी की।
- मामले में 23 में से 20 गवाहों के बयान हुए।
- कोर्ट ने घटना के 153 दिन में फैसला सुनाया।
- अदालत ने 50 पेज में सुनाया अपना फैसला।
चप्पल से हुई थी आरोपी की पहचान, डीएनए रिपोर्ट और बड़ी बहन की अंतिम गवाही ने दिलाई सजा
- मनावर में चार साल की बच्ची के साथ ज्यादती और हत्या के अारोपी करण उर्फ फतिया पिता भारत को सजा दिलाने में डीएनए रिपोर्ट और बच्ची की बड़ी बहन की अंतिम गवाही अहम रही। इसके आधार पर आरोपी सिद्ध हुआ और न्यायालय ने मृत्युदंड का फैसला दे दिया।
- दरअसल 15 दिसंबर 17 की शाम जिस वक्त करण अपने साथ बच्ची को लेकर गया था उस वक्त उसकी बड़ी बहन उसके साथ खेल रही थी। जब देर शाम तक वह नजर नहीं आई तो घरवाले उसकी तलाश में निकले। कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान बच्ची की बड़ी बहन ने घरवालों को बताया कि उसने करण को उसे ले जाते हुए देखा था।
- घटना के अगले दिन 16 दिसंबर 17 को नदी के किनारे बच्ची की लाश पड़ी मिली थी। इससे करीब 100 मीटर दूर झाड़ियों के बीच एक गड्ढे में बच्ची की पेंट व खून से सने पत्थर पड़े थे। साथ में चप्पल रखी थी। यह चप्पल करण की थी। वह कुछ दिन पहले ही जब चप्पल लेकर आया था तो सबको दिखा रहा था। सुबह जब उसे बुलाया तो वह घर में दुबक गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया।
- इस आधार पर आरोपी करण के खिलाफ धारा 363, 366, 376 (2) (आई), 302, 201323, 506 (2) आईपीसी, पॉक्सो एक्ट की धारा 5 (एम) सहपठित धारा 6 में प्रकरण दर्ज किया। चूंकि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था ऐसे में पुलिस ने जांच में कोई कसर नहीं छोड़ी।
इंदौर कोर्ट ने भी दुष्कर्मी को सुनाई थी दोहरी फांसी की सजा
- 20 अप्रैल को इंदौर के राजबाड़ा के मुख्य गेट के पास ओटले पर माता-पिता के बीच सोई चार माह की बच्ची के दुष्कर्म और हत्या के मामले में कोर्ट ने इसी माह 12 मई को फैसला सुनाया था।
- कोर्ट ने घटना को रेअर टू रेअरेस्ट मानते हुए आरोपी नवीन उर्फ अजय गड़के को दो धाराओं में दोहरी फांसी की सजा और एक धारा में उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
- जज ने 7 दिन तक सात-सात घंटे इस केस को सुना और घटना के 21वें दिन सुनवाई पूरी होने के बाद 23वें दिन फैसला सुनाया था।
12 साल तक की बच्चियों से दुष्कर्म का जिले में 2017 का 12वां मामला
- धार जिले में 2017 का यह 12वां प्रकरण था, जब 12 साल तक की बच्ची दुष्कर्म का शिकार हुई। इसके पहले 2016 में 11 और 2015 में 9 ऐसी ही बच्चियों से दुष्कर्म किया, जिनकी उम्र 12 साल या उससे कम थी।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.