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डाउनलोड करेंभोपाल. प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में पढ़ाने वाले अतिथि विद्वानों पर सरकार मेहरबान होने जा रही है। सरकार ने इन्हें भी नियमित करने की तैयारी कर ली है। अब तक इन्हें प्रति पीरियड के हिसाब से 275 रुपए मानदेय मिलता है। नए शिक्षा सत्र से इन्हें फिक्स राशि दी जाएगी। इस तरह हर महीने इन्हें करीब सात हजार रुपए का फायदा होगा।
सरकारी कॉलेजों में सालों से प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापकों की कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए हर साल अतिथि विद्वान रखे जाते हैं। प्रदेश के कॉलेजों में अतिथि विद्वानों से शिक्षण, ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारी का काम करते हैं।
हर महीने मिलेंगे 21 हजार
नियमित होने के बाद अतिथि विद्वानों को हर महीने करीब 21 हजार रुपए मिलने लगेंगे। उनकी पीरियड लेने की बाध्यता भी समाप्त हो जाएगी। अब तक वे दिन में अधिकतम तीन पीरियड ले सकते हैं। अगर वे इससे ज्यादा पीरियड भी लेते हैं तो उन्हें तीन पीरियड का ही भुगतान होता हैै। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जुलाई-अगस्त से शुरू होने वाले नए शिक्षण सत्र से यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। हर माह उन्हें सात हजार रुपए तक का लाभ हो जाएगा।
अभी यह व्यवस्था
प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में अभी हर साल अतिथि विद्वान रखे जाते हैं। इन्हें उन कॉलेजों में पदस्थ किया जाता है जहां प्राध्यापकों की कमी है। हर साल इन्हें रखने की प्रक्रिया की जाती है। उच्च शिक्षा विभाग जो व्यवस्था लागू करने जा रहा है उसके तहत जो अतिथि विद्वान एक बार रख लिए जाएंगे उन्हें हर साल इस प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। हर साल उन्हें रखे जाने को लेकर विवाद की स्थिति बनती है, उस विसंगति को भी दूर किया जा रहा है।
निर्धारित मानदेय दिया जाएगा
उच्च शिक्षा आयुक्त नीरज मंडलोई ने बताया कि अतिथि विद्वानों की समस्या को देखते हुए उन्हें हर महीने निर्धारित मानदेय दिया जाएगा। विभाग ने इसकी तैयारी कर ली है। अगली मंत्रिपरिषद की बैठक में इसे रखा जाना है। नए सत्र से उन्हें पीरियड के हिसाब से भुगतान नहीं किया जाएगा, तय मानदेय दिया जाएगा।
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