• India's 5 most adventurous pilgrims hard to travel
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रोमांच और खतरों से भरे हैं इन 5 तीर्थों के रास्ते, लद्दाख के 3850 मीटर ऊंचे बौद्धमठ से अमरनाथ तक हैं शामिल

भारत में कई तीर्थ हैं लेकिन 5 ऐसे धार्मिक स्थान हैं जिनकी यात्रा जितनी रोमांचक है, उतनी ही खतरों से भरी है।

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 06:26 PM IST

रिलिजन डेस्क। ट्रैवलिंग के लिए भारत में कई तीर्थ हैं लेकिन 5 ऐसे धार्मिक स्थान हैं जिनकी यात्रा जितनी रोमांचक है, उतनी ही खतरों से भरी है। अगर आप एडवेंचर के शौकिन हैं तो ये तीर्थ भी यात्रा के लिए काफी शानदार हैं। इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जिनमें कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। कोई गाड़ी नहीं जा सकती। ट्रेकिंग, एडवेंचर और तीर्थ के ये किलिंग कांबिनेशन कहे जा सकते हैं।

इन तीर्थों की खासियत यहां का माहौल और खूबसूरती भी है। आम इंसान की पहुंच से काफी दूर और पहाड़ों पर बसे होने के कारण ये तीर्थ अभी भी अपनी पौराणिकता को बरकरार रखे हुए है। यहां ना ज्यादा बसाहट है और ना ही बहुत ज्यादा डेवलपमेंट, सो आपके लिए ये बिलकुल प्रकृति की गोद में जाने जैसा है।

ये हैं वो पांच एडवेंचर से भरे तीर्थ

फुगताल, लद्दाख

लद्दाख का फुगताल एक बौद्धमठ और स्मारक है जो समुद्रतल से 4800 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर है। यहां करीब 70 बौद्ध भिक्षु रहते हैं, स्मारक के अलावा यहां मठ के कमरे और लायब्रेरी भी है। यहां पहुंचना कितना मुश्किल है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां पहुंचने में कई बार 3 दिन तक भी लग जाते हैं। लगभग पूरा रास्ता दुर्गम पहाड़ियों से घिरा है। यहां जाने के लिए सबसे बेहतर समय जुलाई से सितंबर तक का है।

हेमकुंड साहिब, उत्तराखंड

उत्तराखंड में फुलों की घाटी के आगे मौजूद सिखों का तीर्थ हेमकुंड साहिब भी सबसे खतरनाक रास्तों वाला तीर्थ है। ये करीब 4600 मीटर की ऊंचाई पर है। इसके रास्ते में उत्तराखंड की सबसे खूबसूरत जगह फुलों की घाटी भी पड़ती है। यहां करीब 15 से 20 किलोमीटर का रास्ता बहुत खतरनाक है, जो दोपहिया वाहन या पैदल ही तय किया जा सकता है। ऋषिकेश से करीब 300 किमी दूर है। ये चारधामों में से एक बद्रीनाथ के रास्ते में है।

शिखरजी, झारखंड

जैन समाज का सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ शिखरजी झारखंड के गिरीढ़ में मौजूद है। ये करीब 1300 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है, यहां पहुंचने के लिए लगभग 30 किमी का पहाड़ी रास्ता तय करना होता है। ये यात्रा पूरी तरह रोमांच से भरी होती है, यहां पैरासिलिंग और पैराग्लाइडिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स के भी आनंद आप ले सकते हैं। अक्टूबर से मार्च तक यहां आने के लिए सबसे बेहतर समय है।

केदारनाथ मंदिर, उत्तराखंड

उत्तराखंड का केदारनाथ मंदिर भी करीब 36 मीटर की ऊंचाई पर है। ये मिट्टी के पहाड़ों से घिरा तीर्थ है, जिसके करीब 15 किमी के रास्ते इतने खतरनाक हैं कि ये पैदल या खच्चर से ही पार किए जा सकते हैं। मंदाकिनी नदी यहीं से निकलती है। अक्टूबर से नवंबर यहां जाने के लिए सबसे बेहतर समय माना गया है।

अमरनाथ, जम्मू-कश्मीर

अमरनाथ यात्रा भी सबसे कठिन यात्राओं में से एक मानी जाती है। करीब 3800 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद ये तीर्थ सबसे अलग है। यहां दो महीने के लिए भगवान अमरनाथ का बर्फानी शिवलिंग अपने आप बनता है। जून-जुलाई में शुरू होने वाली इस यात्रा का समापन रक्षाबंधन पर होता है। यहां कई किलोमीटर पैदल चलना होता है। ये ट्रेकिंग और नेचर लवर्स के लिए काफी अच्छी जगह है।