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5 प्वाइंट्स : जब बच्चा हर बात का उल्टा जवाब दे और बुरा बर्ताव करे तो ऐसे हैंडल करें

यदि बच्चा एग्रेसिव है तो उस समय उसे कतई न डांटें, बल्कि कूल रहें।

Danik Bhaskar

May 26, 2018, 07:19 PM IST
बच्चे को थोड़ा टाइम स्पेस दें। बच्चे को थोड़ा टाइम स्पेस दें।

यूटिलिटी डेस्क. बच्चे जैसा व्यवहार करते हैं, हमें उनके साथ बिल्कुल वैसा ही व्यवहार नहीं करना चाहिए। यदि बच्चा एग्रेसिव है तो उस समय उसे कतई न डांटें, बल्कि कूल रहें और तब तक न बोलें जब तक वह शांत न हो जाए। साइकोलॉजिस्ट डॉ. विनय मिश्रा से जानें उल्टा जवाब देने वाले बच्चों को हैंडल करने के 5 तरीके।


1. पीठ भी थपथपाएं
बच्चों को सीख देने के अलावा पुरस्कृत भी करें। आप उसे यह बताएंगे कि उसका बिहेवियर अच्छा है और वह बातचीत में एटिकेट्स रखता है तो वह प्रोत्साहित होकर आगे भी ऐसा ही रहेगा। उदाहरण के लिए वह दादाजी को रोज विश करता हो या मेहमान को विश करके बैठने के लिए कहता हो। इन बातों के लिए उसकी पीठ थपथपाना न भूलें।

2. विषय की जड़ में जाएं
बच्चे क्यों नाराज हो रहे हैं इसका कारण वे ठीक से एक्सप्रेस नहीं कर पाते। इसलिए बच्चे के बुरे रिस्पॉन्स के पीछे सही वजह जानने के लिए पैरेंट्स इसकी जड़ में जाएं। बच्चे से पूछें कि क्या स्कूल में टीचर ने कुछ कह दिया या किसी क्लासमेट के साथ झगड़ा तो नहीं हुआ? तभी बच्चे को मालूम पड़ेगा कि उसके एग्रेसिव होने की सही वजह क्या है।


3. अच्छे मूड में समझाएं
बच्चे को थोड़ा टाइम स्पेस दें। उन पर हर काम को करने के लिए टाइम बाउंडेशन न रखें, क्योंकि बच्चा थका या नाराज है तो वह सही कारण नहीं बता सकता है। ऐसे में बच्चों को ये समझाएं कि क्या एक्सपेक्टेबल और क्या नहीं है। उनका मूड जब अच्छा हो तो समझाएं। ऐसे में बच्चा पलटवार और बदतमीजी नहीं करेगा।

4. उनके रोल मॉडल बनें
कई बार पेरेंटस की आपस की बातचीत में एक-दूसरे को कुछ गलत बोलने में आ जाता है। बच्चा ये सब देखता है अौर वह भी फिर पैरेंट्स से ऐसा ही बर्ताव करेगा। इसी तरह बच्चों पर उनके पैरेंट्स व्यंग्य करते हैं, तो वह भी व्यंग्यात्मक लहजे में बात करना सीख जाता है। अचरज तब होता है जब पेरेंट्स ये आश्चर्य करते हैं कि इसने ये कहां से सीखा है।

5. जैसी गलती, वैसी सजा
बच्चे की गलती के अनुपात में उसे सजा दी जाए। ये नहीं कि उसे छोटी गलती की बड़ी सजा या बड़ी गलती पर भी छोटी सजा दी हो। उदाहरण के लिए यदि बच्चा गिलास का दूध गिरा दे या हमें अपशब्द बोल दे, तो दोनो स्थितियों में उसे मारने-पीटने की सजा न दें। बल्कि सजा ऐसी हो जो असर करे, मसलन कार्टून नहीं देखने देंगे या साइकिल नहीं चलाने देंगे।

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