गुरु नानक देव का 550 वां प्रकाश पर्व

News - श्री गुरु नानक सत्संग सभा के प्रकाशोत्सव पर कृष्णा नगर कॉलोनी से निकली नानक देव की शाेभायात्रा शोभायात्रा...

Nov 11, 2019, 07:26 AM IST
श्री गुरु नानक सत्संग सभा के प्रकाशोत्सव पर कृष्णा नगर कॉलोनी से निकली नानक देव की शाेभायात्रा

शोभायात्रा में बच्चाें ने पेश की सद‌्भाव की झांकी


सिटी रिपाेर्टर | रांची

श्री गुरु नानक सत्संग सभा की ओर से अायोजित अागम प्रकाशोत्सव पर कृष्णा नगर काॅलोनी गुरुद्वारा मैदान में सजे दीवान में अबोहर से अाए सिख पंथ के महान कीर्तनी जत्थे के रागी भाई गुरदीप सिंह ने कर कृपा तेरे गुण गावां... और सतगुर नानक परगटया मिट्टी धुंध जग चानन होआ..., जालंधर के रागी भाई मेहताब सिंह ने एक नूर ते सब जग उपजया... और जम्मूवाले भाई जगतार सिंह ने तिन का तिन का जिस जी वसावै..., बाबा मन मतवारो राम रस पीजै... शबद गायन कर संगत को प्रभु के चरणों से जोड़ा।

वहीं, श्री गुरुनानक देव महाराज के 550वें प्रकाशोत्सव पर रविवार को कृष्णा नगर कॉलोनी गुरुद्वारा मैदान में सजे दीवान की शुरुआत सुबह 9 बजे गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की प्रभातफेरी निकालकर गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी ज्ञानी जिवेंदर सिंह ने दीवान में विराजमान किया।

इसके बाद विशाल नगर कीर्तन निकाला गया। नगर कीर्तन कृष्णा नगर काॅलोनी गुरुद्वारा मैदान से शुरू होकर गुरु नानक स्कूल पहुंचकर विसर्जित हुआ। नगर कीर्तन में 20 हजार से अधिक पुरुष और महिला श्रद्धालुओं ने गुरुवाणी का गायन कर माहौल को नानकमय कर दिया। नगर कीर्तन में गुरु नानक सीनियर सेंकेड्री स्कूल और गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल कमड़े के चार हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुईं। करीब 5 किलोमीटर का मार्ग तय करने में नगर कीर्तन को अाठ घंटे लगे। कृष्णा नगर काॅलोनी गुरुद्वारा मैदान में दीवान की समाप्ति के बाद सतनाम-सतनाम, वाहेगुरु-वाहेगुरु के जाप के साथ गुरुग्रंथ साहिब को फूलों से सुसज्जित रथ पर पालकी में विराजित किया गया। गुरु नानक सत्संग सभा के प्रधान जयरामदास मिढ़ा ने पालकी में झंवर झुलाकर गुरु ग्रंथ साहिब की सेवा की।

विश्वास... ईश्वर की भक्ति करने वालों को कभी भय नहीं रहता

संदेश : हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई बनने से पहले एक अच्छा इंसान बनें

सभी बच्चे गुरुनानक स्कूल के

राज्यपाल बोलीं- इंसानियत के मसीहा थे गुरुनानक

प्रकाशोत्सव की मुख्य अतिथि राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने गुरुनानक देव महाराज के 550वें प्रकाश पर्व पर सत्संग सभा द्वारा तैयार चांदी का विशेष सिक्का जारी किया। झारखंडवासियों को प्रकाश पर्व की बधाई दी। उन्होंने गुरु नानक देव को इंसानियत का मसीहा बताते हुए कहा कि उनकी स्वीकार्यता सभी धर्मों और संप्रदाय के लोगों में थी। संगत से गुरु नानक के बताए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

अलवर राजस्थान से आए गतका पार्टी ने कृष्णा नगर कॉलोनी गुरुद्वारा से सुजाता चौक तक कई करतब दिखाए। इसमें गुरुनानक देव के संदेश ‘ईश्वर की भक्ति करने वालों को भय नहीं रहता’ को भी चरित्रार्थ किया। गतका पार्टी के एक श्रद्धालु आंख पर पट्‌टी बांधकर दूसरे श्रद्धालु की गर्दन पर रखे केले को काटा।

उत्कर्ष गुप्ता

स्त्री सत्संग की शीतल मुंजाल ने की दीवान की शुरुआत

रांची फ्रंट पेज

अनश राजी

कृष्णा नगर कॉलोनी गुरुद्वारा मैदान में सजे दीवान की शुरुआत स्त्री सत्संग सभा की शीतल मुंजाल ने सबना का मां प्यो आप है मां प्यो आप है... शब्द गायन से की। उसके बाद हजूरी रागी भाई महिपाल सिंह और उनके साथियों ने जिथे बाबा पैर धरे पूजा आसन थापन सोहा... और प्रगट भई सगले जग अंतर गुर नानक की वडिआई... शब्द गायन किया। उनके बाद गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी ज्ञानी जिवेंदर सिंह ने कथा वाचन कर गुरु नानक देव के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला।

रांची, सोमवार 11 नवंबर, 2019

अयाज मंसूरी

लंगर... 30 हजार श्रद्धालुओं ने चखा

आनंद साहिब के पाठ, अरदास और हुकुमनामे के साथ विशेष दीवान की समाप्ति हुई। दोपहर 12 बजे से सत्संग सभा द्वारा गुरु का अटूट लंगर चलाया गया, जिसमें सभी संप्रदायों के 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने एक साथ पंगत में बैठकर गुरु का लंगर ग्रहण किया। लंगर के लिए सभी कतारबद्ध थे। लंगर में गुरु घर के 400 से अधिक पुरुष और महिला सेवकों ने संगत की सेवा की।

विशेष दीवान में लगाई हाजिरी

विशिष्ट अतिथि पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी, राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार, मंत्री सीपी सिंह, सांसद संजय सेठ, मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष सरदार गुरविंदर सिंह सेठी, पार्षद अशोक यादव, पार्षद रीमा देवी, भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज मिश्रा, झामुमो नेत्री महुआ मांजी, पूर्व पार्षद सुनीता देवी ने विशेष दीवान में हाजिरी भरी और गुरुग्रंथ साहिब को मत्था टेका।

ऋषभ कुमार

समर्पण और निष्ठा के रूप में दिखे पंज प्यारे

ऐसा माना जाता है कि गुरु गोबिंद सिंह ने बैसाखी पर आनंदपुर साहिब के विशाल मैदान में सिख समुदाय को आमंत्रित किया। जहां गुरुजी के लिए एक तख्त बिछाया गया और तख्त के पीछे एक तंबू लगाया गया। उस समय गुरु गोबिंद सिंह की दाईं हाथ में तलवार चमक रही थी। गुरु तलवार लिए मंच पर पहुंचे और उन्होंने ऐलान किया- मुझे एक आदमी का सिर चाहिए। क्या आप में से कोई अपना सिर दे सकता है? यह सुनते ही सन्नाटा छा गया। उसी समय दयासिंह नामक एक व्यक्ति आगे आया जो लाहौर निवासी था और बोला- आप मेरा सिर ले सकते हैं। गुरुदेव उसे पास ही बनाए गए तंबू में ले गए। कुछ देर बाद तंबू से निकलते खून को देखकर पंडाल में सन्नाटा छा गया। गुरु तंबू से बाहर आए। उन्होंने फिर ऐलान किया- मुझे एक और सिर चाहिए। मेरी तलवार अभी प्यासी है। इस बार धर्मदास आगे आये जो सहारनपुर के जवाडा गांव के निवासी थे। इस बार भी थोड़ी देर में खून की धारा बाहर निकलने लगी। बाहर आकर गुरु ने एक और व्यक्ति के सिर मांगे। इस बार जगन्नाथ पुरी के हिम्मत राय खड़े हुए। फिर से तंबू से खून धारा बाहर आने लगी। गुरुदेव पुनः बाहर आए और एक और सिर की मांग की तब द्वारका के युवक मोहकम चंद और इनके बाद सिर मांगने पर बीदर निवासी साहिब चंद सिर देने के लिए आगे आए। बाहर सन्नाटा छाया था, तभी तंबू से गुरु गोबिंद सिंह केसरिया बाना पहने पांच सिक्ख नौजवानों के साथ बाहर आए। पांचों नौजवान वहीं थे, जिनके सिर काटने के लिए गुरु गोबिंद सिंह तंबू में ले गए थे। तब गुरुदेव ने वहां उपस्थित सिक्खों से कहा- आज से ये पांचों मेरे पंज प्यारे हैं। इस तरह सिक्ख धर्म को पंजप्यारे मिल गए। जो बाद में अपनी निष्ठा और समर्पण के लिए जाने गए।

समर्पण का ऐसा रूप...

101 शबद... बिलासपुर के बैंड ने 5 किलोमीटर की यात्रा में सुनाए

नगर कीर्तन के लिए श्री गुरु नानक सत्संग सभा द्वारा बिलासपुर छत्तीसगढ़ से लाया गया राज बैंड शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रहा। बैंड की धुनों पर 101 शबद गायन कर शहरवासियों को चौंका दिया। वहीं, गतका पार्टी के कलाकारों ने मुंह में पेट्रोल रखकर आग निकालने का करतब दिखाया।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना