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कार में गलती से बच्चा हो जाए लॉक तो बिना देर किए तुरंत करें ये 6 काम

3 वर्ष पहले
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न्यूज डेस्क. गुजरात के सूरत में कार के अंदर दो बच्चों के लॉक रहने के चलते दोनों की मौत हो गई। दिन में हुए इस हादसे के दौरान शहर का टेम्प्रेचर करीब 51 डिग्री था। 6 घंटे तक कार में बंद रहने के चलते अंदर का टेम्प्रेचर इतना ज्यादा हो गया था कि बच्चों की चमड़ी तक झुलस गई थी। गर्मियों में इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं। 

 

वैसे तो बच्चों को अकेले कार के अंदर कभी नहीं छोड़ के जाना चाहिए। खास तौर पर गर्मियों में तो बिल्कुल भी नहीं। लेकिन इन सबके बीच हम आपको बता रहे हैं कि अगर गलती से कार के अंदर बच्चा लॉक हो जाए तो समय रहते क्या करना चाहिए। साथ ही हम आपको 6 ऐसी टिप्स भी बता रहे हैं जिसे फॉलो करके बच्चों को टाइमली निकाल लेने पर जान बचाई जा सकती है। ऑस्ट्रेलिया के The National Roads and Motorists' Association (NRMA) ने भी कार में बच्चे के बंद होने के दौरान बच्चों की सेफ्टी के लिए टिप्स जारी किए हैं। 

 


1- रेस्क्यू ऑपरेशन स्टार्ट के दौरान सबसे पहले पुलिस और एम्बुलेंस को कॉल करें। ताकि, बच्चों को कार से निकालने के बाद किसी तरह की इमरजेंसी होने पर तुरंत मेडिकल सपोर्ट मिल सके।

 

2- अब सबसे पहले गाड़ी के शीशे और बॉडी पर पानी डालें या गीले कपड़े से कार का स्टील स्पेस ढ़क दें। ऐसा करने से कार के अंदर का टेम्प्रेचर नॉर्मल होगा। NRMA के मुताबिक, ऐसा करने पर कार के अंदर का टेम्प्रेचर 10 डिग्री तक कम किया जा सकता है। 

 

3- अगर कार धूप में खड़ी है और बच्चे को लॉक हुए 5-10  मिनट हो गया है और आपके पास चाभी ना हो तो बिना देर किए दरवाजा तोड़ने या खोलने का काम करें। ऐसा इसलिए क्योंकि गर्मी के चलते शुरुआती 5-10 मिनट में कार का टेम्प्रेचर बाहर के तापमान की तुलना में 75% तक बढ़ जाता है। यानी अगर बाहर का टेम्प्रेचर 40 डिग्री होगा तो अंदर करीब 70 तक पहुंच जाएगा। ऐसे में हीट बाहर ना निकल पाने के चलते बच्चा बेहोश हो सकता है। सांस फूलने के चलते जान तक जा सकती है। 

 

4- ध्यान रहे विंडो को ब्रेक करने के लिए एकदम से हथौड़ा मारने की जगह धीरे-धीरे ब्रेक करें। ताकि कांच कार के पूरे हिस्से में ना फैले।

 

5- कार का शीशा तोड़ते टाइम हमेशा बच्चा जहां बैठा हो उसके अपोजिट साइड वाले शीशे को ही तोड़ें। यानी अगर बच्चा कार के आगे की सीट पर बैठा हो तो पीछे का शीशा तोड़ें। वहीं, पीछे की सीट पर होने की कंडीशन में आगे के गेट का विंडो इतने ही डिग्री के साथ तोड़ें। ध्यान रहे हथौड़े या औजार को 110-130 डिग्री के एंगल पर रखते हुए ही शीशे पर मारें। शीशा तोड़ते टाइम कभी भी हथौड़ा सीधा 180 डिग्री एंगल से नहीं मारना चाहिए। ऐसा करने पर कांच चारों तरफ फैलता है और बच्चे को लग सकता है।

 

6- ज्यादा देर तक कार के अंदर रहने से बच्चे की सांस फूलने लगती है। ऐसे में बच्चे को बाहर निकालने के बाद तुरंत उसे ठंडे टेम्प्रेचर में ना ले जाएं। ना ही ठंडा पानी पिलाएं। ऐसा करने पर बच्चे को निमोनिया या बाकी बीमारी हो सकती है। इसलिए कार से बच्चे को निकालने के बाद कुछ देर तक नॉर्मल टेम्प्रेचर में रखें। उसके बाद जरूरत पड़ने पर मेडिकल सर्विस प्रोवाइड कराएं। 

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