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एम्स रिजल्ट में टॉप 100 में ट्राईसिटी के 6 स्टूडेंट, पहले तीन में चंडीगढ़ का एक भी स्टूडेंट नहीं

3 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. मेडिकल की लाइन में करियर बनाने के इच्छुक स्टूडेंट्स के लिए एम्स का रिजल्ट सोमवार को घोषित किया गया। टॉप-100 ऑल इंडिया रैंक में ट्राईसिटी के 6 स्टूडेंट रहे। पंचकूला सेक्टर-11 की महक ने ऑल इंडिया रैंक-3 लेकर ट्राईसिटी में टॉप किया। सेक्टर 70 मोहाली के मनराज सिंह ऑल इंडिया रैंक-4 लेकर ट्राईसिटी में सेकेंड रहे। सेक्टर-15 पंचकूला की इश्वाक अग्रवाल ने ऑल इंडिया रैंक-10 लेकर ट्राईसिटी में थर्ड पोजिशन ली। सेक्टर-31 के सागर ने ऑल इंडिया रैंक 15 लेकर ट्राईसिटी में फोर्थ पोजिशन ली और सेक्टर 43 की पारुल ने ऑल इंडिया रैंक 30 लेकर ट्राईसिटी में पांचवीं पोजिशन पर रही। यह सभी स्टूडेंट एम्स दिल्ली में एडमिशन लेना चाहते हैं। सेक्टर 28 के वैभव गर्ग ने ऑल इंडिया 93 पोजिशन लेकर ट्राईसिटी में छठी पोजिशन ली है।

- 7वीं में थी जब पापा की मौत हुई, वे चाहते थे कि मेरी बेटी डॉक्टर बने, उनकी इच्छा पूरी की... गुरु गोबिंद सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर 35 से 12वीं कर और एलन से कोचिंग ले चुकी महक ने कहा कि मैंने यह रिजल्ट सिर्फ अपने पापा के लिए लिया है।

- मैं जब 7वीं में थी तब उनकी मौत हो गई। वे चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनूं, इसलिए इस लाइन में आई। हालांकि इस बार उम्मीद कम थी, अपनी टीचर्स तक को बोल दिया था कि इस बार उसका सिलेक्शन नहीं होगा।

- मैं हैरान हूं कि मेरी 100 परसेंटाइल आई और टॉप रैंक आ गया। किसी भी स्टूडेंट्स को टॉप पोजिशन की टेंशन नहीं लेनी चाहिए। 

 

पेरेंट्स भी डॉक्टर...

मनराज सिंह: ऑल इंडिया रैंक-4
- एसडी स्कूल सेक्टर-24 से 12वीं करने वाले मनराज के पेरेंट्स डॉक्टर हैं, इसलिए वे शुरू से ही इस लाइन में जाना चाहते थे। मनराज ने कहा कि फैमिली लीगेसी को कंटीन्यू रखना है और इससे बेहतरीन कोई प्रोफेशन नहीं है।

- बचपन से ही मैं अपने पेरेंट्स को देखता था कि क्योंकि पिता आई सर्जन हैं और मां मेडिसिन की डॉक्टर हैं। मैंने अभी यह नहीं सोचा कि मैं पिता के प्रोफेशन में स्पेशलाइजेशन करूं या मां के प्रोफेशन को चुनूं।

 

एम्स रिजल्ट: ऑल इंडिया टॉप 30 में ट्राईसिटी के 5 स्टूडेंट

- टॉप 100 ऑल इंडिया रैंक में ट्राईसिटी के 6 स्टूडेंट्स, सेक्टर 28 के वैभव गर्ग ने ऑल इंडिया 93 पोजिशन लेकर ट्राईसिटी में छठी पोजिशन ली।

 

इश्वाक अग्रवाल | रैंक 10

प्रेशर न लो अौर सब कुछ पढ़ें

- भवन विद्यालय पंचकूला से 12वीं और लक्ष्य से कोचिंग ले चुकी इश्वाक अग्रवाल ट्राईसिटी में थर्ड है। उन्होंने कहा कि प्रेशर नहीं लेना चाहिए। यह एग्जाम इतना टफ है कि अकसर स्टूडेंट्स को प्रेशर हो जाता है क्योंकि पेरेंट्स की एक्स्पेक्टेशंस और प्रेशर काफी ज्यादा होता है।

- मुझ पर पेरेंट्स का प्रेशर नहीं था और पियर प्रेशर की परवाह नहीं की। यही वजह है कि मैं यह रैंक हासिल कर पाई। स्टूडेंट्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि सभी सब्जेक्ट्स को पूरी गहराई से पढ़ना है और कुछ भी छोड़ना नहीं है।

 

सागर | ऑल इंडिया रैंक 15 

इंजीनियरिंग और मेडिकल में बेहतरीन प्रदर्शन

- एयरफोर्स स्कूल 3बीआरडी से 12वीं कर चुके सागर (ट्राईसिटी में फोर्थ) की काबिलियत का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि उसने इंजीनियरिंग और मेडिकल दोनो में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। 12वीं में सागर ने फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी के अलावा मैथ्स की भी पढ़ाई की थी ताकि वह इंजीनियरिंग के एग्जाम भी दे सके।

- जेईई एडवांस्ड में 1746 रैंक हासिल कर चुके सागर चाहें तो किसी भी आईआईटी में एडमिशन ले सकते हैं लेकिन उन्होंने मेडिकल लाइन में जाने का फैसला किया है। सागर ने किशोर विज्ञान प्रोत्साहन योजना, बायोलॉजी ओलंपियाड, नेशनल टैलेंट सर्च एग्जामिनेशन को क्रेक किया है।

 

पारुल  | रैंक 30

ग्रुप स्टडी से हुआ एग्जाम क्रैक

- शिशु निकेतन स्कूल-22 से 12वीं कर चुकी पारुल (ट्राईसिटी में फिफ्थ) ने ग्रुप स्टडी की। वह अपनी फ्रेंड्स के साथ मिलकर पढ़ाई करती थीं और जो भी दिक्कत आती है वह एक-दूसरे की हेल्प के साथ सुलझ जाती थी।

- फिर भी प्रॉब्लम सॉल्व न हो तो हम टीचर्स को कॉन्टैक्ट करते थे। पारुल के पिता डॉक्टर हैं और वह मूलरूप से जालंधर से है लेकिन 11वीं व 12वीं करने वह कोचिंग लेने के लिए चंडीगढ़ आई थी।

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