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​मां की सिखाई ये 6 बातें बेटी को सफल बनाने में निभाएंगी महत्वपूर्ण भूमिका

ऐसी 6 बातें जिन्हें सिखाकर मां अपनी बेटी को इतना तैयार कर सकती है कि वह अपनी परेशानियों का हल खुद निकाल सके।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 24, 2018, 03:47 PM IST

​मां की सिखाई ये 6 बातें बेटी को सफल बनाने में निभाएंगी महत्वपूर्ण भूमिका

हेल्थ डेस्क । आज के जमाने में एक टीनएजर की परवरिश किसी भी मां के लिए चुनौती पूर्ण हो गई है और ये चुनौती तब और भी कठिन हो जाती है जब बात टीनएजर लड़की की हो। जानिए, ऐसी 6 बातें जिन्हें सिखाकर एक मां अपनी बेटी को इतना तैयार कर सकती है कि वह जिंदगी में आने वाले परेशानियों का हल खुद निकाल सके।


01. दोस्ताना व्यवहार

  • हर उम्र की अपनी उलझनें होतीं हैं। टीनेज में हार्मोनल चेंज की वजह से काफी शारीरिक और मानसिक बदलाव आते हैं।
  • उस वक्त बेटी को आपके सहारे और समझ की बहुत जरूरत होती है। आपको भी उसके व्यवहार में आए बदलाव को समझना जरूरी है।
  • ऐसे समय में आप अपना रवैया उसके प्रति दोस्ताना रखें, ताकि वह खुलकर अपनी समस्या आपसे शेयर कर सके। मां नहीं उसकी सहेली बन जाएं।

02. नारीत्व का सम्मान

  • कई जगह देखा गया है कि पेरेंट्स बड़ी शान से कहते हैं ये हमारी बेटी नहीं बेटा है। ऐसा क्यों? क्या कभी ऐसा सुना है कि ये हमारा बेटा नहीं बेटी है। नहीं ना।
  • नारीत्व का सम्मान कीजिए। बेटी को अहसास दिलाएं की वो बेहद खास है। उसका अपना एक वजूद है और वह पुरुषों से कम नहीं है।
  • एक अच्छे समाज में बेटा हो या बेटी दोनों की बराबर भागीदारी है इसीलिए किसी को कम नहीं माना जाना चाहिए।

03. सही शिक्षा

  • बेटी को देने के लिए शिक्षा से बड़ा कोई वरदान या तोहफा नहीं हो सकता। इस पर उसका न सिर्फ भविष्य बल्कि पूरा जीवन टिका होता है।
  • महंगाई के इस दौर में आज लड़कियों का अपने पैरों पर खड़े होना बहुत जरूरी है। खुदा ना खास्ता कल को कोई अनहोनी हो जाए तो वो किसी सहारे की मोहताज तो नहीं होंगी।
  • शिक्षित नारी पूरे घर को ना सिर्फ शिक्षित करती है, बल्कि घर को भी बेहतर तरीके से संभलती है।

04. आत्मनिर्भर

  • हमने एक राय सी बना ली है कि ये काम काम लड़कों के हैं और ये काम लड़कियों के। आज के इस दौड़ाभागी वाले युग में इस मिथक को तोड़ना बहुत जरूरी है।
  • बैंक से लेकर बाहर के सारे काम जिनके लिए हम पुरुषों पर आश्रित होते हैं वो बेटियों को भी सिखाएं।
  • गाड़ी की छोटी-मोटी रिपेयरिंग से लेकर फ्यूज बदलने जैसे छोटे लेकिन जरूरी काम भी बेटी को सिखाएं। इससे उसका अात्मविश्वास बढ़ेगा।

05. आकर्षण

  • टीनेज में लड़कियों में शारीरिक और मानसिक बदलाव आते हैं। ऐसे में उनका दुनिया के प्रति नजरिया बदल जाता है। आकर्षण स्वभाविक है, लेकिन एक मां होने के नाते आपको उसे समझने और समझाने की जरूरत है।
  • उसे समझा सकते हैं कि ये उम्र का पड़ाव है मंजिल नहीं। समझाएं कि इस उम्र में कोई ऐसी गलती ना कर बैठे जिसके लिए उसे और आपको उम्रभर पछतावा हो। इस बारे में खुल कर बात करना बहुत जरूरी है।

06. संस्कार की नींव

  • देखा जाए तो टीनेज एक ऐसी उम्र है जिसमें आप अपनी बेटी को फ्यूचर के लिए तैयार करते हैं। पढ़ाई लिखाई अपनी जगह और परिवार का महत्व अपनी जगह।
  • इसके लिए जरूरी है कि उन्हें परिवार और रिश्तों का महत्व समझाएं ताकि कल को वो अपने परिवार को बेहतर तरीके से चला सकें और रिश्तों को निभा सकें। आखिर यही रिश्ते और परिवार हमारी सबसे बड़ी पूंजी होते हैं।

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