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डाउनलोड करेंपंचकूला (चंडीगढ़). गैंगस्टर भूप्पी राणा और मोनू राणा के बीच पिछले कई सालों से चली आ रही गैंगवार में सोमवार को बरवाला में भूपेश राणा का ताबड़तोड़ फायरिंग करके मर्डर कर दिया गया। मोनू राणा गुट के भूपेश की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को ओल्ड कॉलेज बिल्डिंग के पास शिव मंदिर के सामने भूप्पी ग्रुप के गैंगस्टर गौरव उर्फ रोड़ा ने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया। गौरव राणा वान्टेड है। चश्मदीदों के अनुसार स्विफ्ट कार में आए पांच लड़कों- गौरव, साहिल, भूपिंदर, अशोक, रिंकू ने गाड़ी से उतरते ही पिस्टलें लोड की और भूपेश पर गोलियां चला दीं।
पहली गोली टांग में लगी, तार में उलझकर गिरा तो किए फायर
प्रतीक के मुताबिक भूपेश कुछ माह पहले ही जेल से पैरोल पर आया था। सुबह किसी काम से बाजार गया था। मैं पावर हाउस गया था। मुझे करीब 9.40 बजे एक जानकार की कॉल आई, उसने बताया कि भूपेश शिवमंदिर के पास मुबारिकपुर के रहने वाले प्रिन्स के साथ खड़ा था। इसी दौरान अंबाला रोड की ओर से स्विफ्ट कार में 5-6 लड़के आए। कार से गौरव, साहिल, भूपेन्द्र, अशोक और रिंकू उतरे और भूपेश की गाड़ी पर फायरिंग की। एक गोली भूपेश की टांग में लगी, वो तार में उलझकर गिर गया। हमलावरों ने 8-10 फायर किए। पुलिस को गाड़ी से 2 खोल और बाहर से 7 खोल मिले हैं। प्रतीक ने पुलिस को बताया है कि बरवाला का पाटा रेकी करता था। चश्मदीद नीरज ने बताया- हमलावर भूपेश की बॉडी पर लात मारकर बोलते रहे- देखो, कहीं जिंदा तो नहीं है। उसके बाद दो फायर और किए और फरार हो गए।
भूपेश ही नहीं, साहिल और उनका साथी भी थे निशाना
गौरव और उसके साथियों के निशाने पर सिर्फ भूपेश ही नहीं था। हमलावर भूपेश के साथ ही साहिल और इनके विदेश से लौटे साथी (जो मूल रूप से बतौड़ का रहने वाला है) के कत्ल के इरादे से आए थे। साहिल पर एक साल पहले ही गौरव ने गोली चलाई थी, विदेश से लौटे लड़के से भी उसकी दुश्मनी थी। सोमवार सुबह भूपेश के मर्डर से करीब आधा घंटा पहले ही तीनों एक साथ बरवाला बाजार में थे। लेकिन भूपेश अकेला ही मंदिर की ओर आया। गौरव और उसके साथी बरवाला बाजार से ही तीनों का पीछा कर रहे थे। लेकिन बाजार के पास एक दुकान के करीब तीनों अलग हो गए।
घर से बेदखल गौरव 10-12 दिन पहले आया था घर
गौरव को उसके परिवार ने दिखावे के लिए बेदखल कर रखा है। करीब 10- 12 दिन पहले रात 2 बजे गौरव अपने घर अाया हुआ था। रात को इसकी खबर पुलिस तक पहुंच गई। एक पीसीआर ने उसका पीछा भी किया, लेकिन वह यहां बरवाला गांव से निकलकर डेराबस्सी की ओर फरार हो गया।
ऐसी चूकती रही पुलिस
समय रहते वायरलेस मैसेज फ्लैश नहीं किया
फायरिंग के बाद हमलावर डेराबस्सी की ओर से फरार हुए। पुलिस ने समय रहते वायरलेस मैसेज फ्लैश नहीं किया। ऐसा करते तो बरवाला से पंजाब में एंट्री करते वक्त हमलावरों को पकड़ा जा सकता था।
चौकी इंचार्ज नहीं रोक पाए
10-12 दिन पहले जब गौरव फरार हुआ तो अंबाला रोड पर चौकी इंचार्ज राममेहर सिंह चेकिंग कर रहा था। यहीं से गौरव कार में निकल गया और राममेहर उसे रोक नहीं पाए थे।
3 दिन से बरवाला में था, पता न चला
गौरव पिछले तीन दिनों से बरवाला में ही डेरा डाले था। इस दौरान वह डेराबस्सी, जीरकपुर एरिया में रहा। उसके कहने ही दूसरे गुट के लड़कों की रेकी की जा रही थी। जिस लड़के पर रेकी करने का आरोप है उसके साथ भूपेश के चचेरे भाई रिंकू की पहले भी लड़ाई हो चुकी है। उसके बाद रिंकू का मर्डर कर दिया गया था।
पंजाब में गैंगस्टर्स पर सीएम से सवाल, पर कैप्टन बोले-
हमले के सभी आरोपी अभी तक पुलिस गिरफ्त में नहीं आए हैं। सोमवार को मोहाली के गवर्नमेंट कॉलेज फेज-6 में एक कार्यक्रम में आए सीएम कैप्टन अमरेंद्र सिंह से जब पंजाब में फैले गैंगस्टर्स पर सवाल किया गया तो उनका साफ जवाब था- पंजाब में सभी गैंगस्टर्स खत्म हो गए हैं। सिर्फ मोहाली, गुरदासपुर व बठिंडा में कुछ गैंगस्टर्स सक्रिय हैं। उनको भी जल्दी ही खत्म कर दिया जाएगा।
4 साल पहले शुरू हुई रंजिश
4 साल पहले बरवाला में कॉलेज में प्रधान बनाने के चलते भूप्पी राणा और मोनू राणा में तन गई थी। तब भी बरवाला में दोनों गुटों में गोली चली थी। इसके बाद बीआर ग्रुप में गौरव रोड़ा और एमआर ग्रुप में भूपेश की एंट्री हुई थी।
डेढ़ साल पहले गौरव की बरवाला में बतौड के लड़कों के साथ लड़ाई हुई। दोनों गुटो में समझौता हुआ। बतौड़ के युवक एमआर ग्रुप से जुड़ गए।
इसके कुछ दिनों बाद गौरव ने साहिल नाम के युवक पर बस स्टैंड में ही सरेआम गोली चलाई। गोली साहिल की टांग पर लगी थी।
8 जनवरी 2017 को गौरव और भूप्पी राणा ने मोनू राणा पर जगाधरी में गोली चलाई। इसके बाद डेराबस्सी और अंबाला में गौरव ने भूप्पी के इशारे पर फायरिंग की।
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