खुश्कीबाग में 800 का चावल 11 सौ और 600 का 800 में मिल रहा

Purnia News - गुलाबबाग मंडी के बाद खुश्कीबाग हाट भी फल, सब्जी और अनाज के मामले में जाना जाता है। यहां पर कई ऐसे अनाज के कारोबारी...

Mar 27, 2020, 08:06 AM IST

गुलाबबाग मंडी के बाद खुश्कीबाग हाट भी फल, सब्जी और अनाज के मामले में जाना जाता है। यहां पर कई ऐसे अनाज के कारोबारी हैं, जो चावल, दाल व अन्य प्रकार के अनाज का थोक कारोबार करते है। लॉक डाउन में किराना यानी अनाज के दुकानों को भी खोलने की अनुमति दी गई है। व्यापारी परिस्थिति को देखते हुए भारी मात्रा में चावल व अनाज का भंडारण पहले से कर लिया है, जो चावल पहले आठ सौ रुपए पैकेट (25 किलो) मिलता था, अब लॉकडाउन लागू होने के बाद कुछ थोक कारोबारी उसी चावल को आठ सौ से बढ़ाकर 11 सौ रुपए प्रति पैकेट बेच रहे हैं। इसके अलावा जो चावल छह सौ रुपए प्रति पैकेट (25 किलो) बिकता था, उसे आठ सौ रुपए प्रति पैकेट (25 किलो) वसूला जा रहा है।

सौरा नदी काली मंदिर निवासी भूदेव यादव ने बताया कि चार दिन पहले उसने खुश्कीबाग हाट से छह सौ रुपए क्विंटल चावल खरीदा था, लेकिन जब गुरुवार को चावल लेने के लिए गया तो वही चावल आठ सौ रुपए खरीदना पड़ा। पीड़ित ने बताया कि जब कीमत को लेकर दुकानदार का विरोध किया तो दुकानदार ने चावल देने से इंकार कर दिया। काफी मिन्नत करने के बाद भी चावल के रेट में कमी नहीं की।

खुश्कीबाग हाट में किराना के थोक काराेबार करने वाले एक एक व्यक्ति ने हाट, मिलनपाड़ा और कृष्णा पल्ली में काफी मात्रा में चावल, दाल, तेल व ऑटा का स्टॉक कर के रखा है और मनमाना कीमत पर बेच रहे है। प्रशासन द्वारा कालाबाजारी और मनमाना रेट पर सामान बेचने पर रोक लगाने के बावजूद भी इन कारोबारियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है और लोगों से मनमाना कीमतों पर खाद्यान्न बेचा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से खाद्यान के कालबाजारी पर रोक लगाने की मांग की है।

मिलनपाड़ा में लॉकडाउन बेअसर दिनभर सड़कों पर हुई आवाजाही

पूर्णिया| लॉकडाउन के बावजूद अनावश्यक रूप से घर से बाहर आना और वाहन निकलने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, लेकिन खुश्कीबाग मिलनपाड़ा में लॉकडाउन का कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। मिलनपाड़ा वैसे देशी और विदेशी शराब कारोबार के नाम से भी जाना जाता है। लॉकडाउन क्या है, यह यहां के लोगों को पता तक नहीं है। सुबह होते ही लोग अन्य दिनों के तरह सड़क पर उतर आते हैं और समूह के झुंड बनाकर बातें करते रहते है। यहां तक कि शराबी शराब के नशे में खुलेआम सड़क पर घूमते हुए आसानी से नजर आते हैं। वैसे पुलिस की मोबाइल गाड़ी भी यहां से हर रोज गुजरती है।

लॉकडाउन का नवरात्र पर असर मंदिरों में पसरा रहा सन्नाटा

पूर्णिया| कोरोना वायरस संक्रमण को ले केंद्र सरकार ने पूरे देश में लॉक डाउन घोषित कर दिया गया है। यहां तक कि मंदिरों में भीड़भाड़ नहीं लगे इसके लिए मंदिरों को बंद कर दिया गया है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के मां ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। माता की भक्ति से व्यक्ति में तप की शक्ति, त्याग, सदाचार, संयम और वैराग्य जैसे गुणों में वृद्धि होती है। पुजारी मंदिर के अंदर ही नवरात्र की पूजा किया। लेकिन लॉकडाउन को लेकर मंदिरों में दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। भक्तों ने लॉक डाउन और कोरोना को देखते हुए अपने घर में ही पूजा हवन कर काम चलाया। इस बार नवरात्र की पूजा और भक्तों का उमंग फीका पड़ गया।

मां ब्रह्मचारिणी की व्रत कथा : मां ब्रह्मचारिणी ने राजा हिमालय के घर जन्म लिया था। नारदजी की सलाह पर उन्होंने कठोर तप किया ताकि वे भगवान शिव को पति स्वरूप में प्राप्त कर सकें। कठोर तप के कारण उनका ब्रह्मचारिणी या तपश्चारिणी नाम पड़ा। भगवान शिव की आराधना के दौरान उन्होंने 1000 वर्ष तक केवल फल फूल खाए तथा 100 वर्ष तक शाक खाकर जीवित रहीं। कठोर तप से उनका शरीर क्षीण हो गया। उनक तप देखकर सभी देवता, ऋषि मुनि अत्यंत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि आपके जैसा तप कोई नहीं कर सकता है। आपकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी।

रेफरल अस्पताल में दूसरे प्रदेश से आए 33 लोगों की हुई काउंसिलिंग

रुपौली |रुपौली में लगातार दूसरे प्रदेश से लोगों का आना बदस्तूर जारी है। कोरोना वायरस की आशंका को देख ग्रामीण काफी सजग दिख रहे हैं। जैसे ही बाहर से कोई गांव पहुंचता है। उसकी सूचना रेफरल अस्पताल रुपौली के मेडिकल टीम को दी गई। सूचना मिलते ही मेडिकल टीम का एंबुलेंस बाहर से आये लोगों के घर पर पहुंच कर अपने साथ रेफरल अस्पताल रुपौली लाया। मेडिकल टीम ने अपने साथ ले जाकर अस्पताल में काउंसिलिंग की। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम भारती ने बताया कि बाहर से घर आए लोगों का की जांच की गई है।

खुश्कीबाग मिलनपाड़ा में सड़क पर घूमते लोग।

पीड़ित काली मंदिर निवासी भूदेव यादव।

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