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नैनो कोटिंग से 5 साल तक नई जैसी चमकेगी कार-बाइक, बारिश में जंग और स्क्रैच से भी बचाएगी

नैनो कोटिंग पूरी तरह ट्रांसपेरेंट और पतली लेयर वाली होती है, जो गाड़ी के पेंट को ऊपर से फिक्स कर लेती है।

Danik Bhaskar | Jun 23, 2018, 07:53 PM IST

ऑटो डेस्क। कार, बाइक या स्कूटर को नैनो कोटिंग की मदद से 5 साल तक नए जैसा रख सकते हैं। ये कोटिंग गाड़ी को स्क्रैच के साथ धूल-मिट्टी या कीचड़ से भी बचाती है। वहीं गाड़ी को जंग लगने से भी सेफ करती है। इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मार्केट से खरीद सकते हैं। वहीं, कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं जो इस कोटिंग को गाड़ी पर लगाने का काम करती हैं।

क्या है नैनो कोटिंग?

किसी सरफेस को सेफ रखने के लिए उसके ऊपर पेंट, वैक्स, पॉलिश का यूज किया जाता है, उसे ही कोटिंग कहते हैं। नैनो कोटिंग पूरी तरह ट्रांसपेरेंट और पतली लेयर वाली होती है, जो गाड़ी के पेंट को ऊपर से फिक्स कर लेती है।

नैनो कोटिंग के बेनिफिट

1. दिल्ली की डिटेलिंग डेविल्स कंपनी जो कार और बाइक पर नैनो कोटिंग करने का काम करती है उसके असिस्टेंट मैनेजर (ऑपरेशन) विकास खेतान ने बताया कि ये कोटिंग गाड़ी के पेंट को प्रोटेक्ट करती है।

2. कोटिंग पेंट के ऊपर परमानेंट लेयर बना लेती है। यानी सरफेस के साथ परमानेंट बॉन्ड बन जाता है। नॉर्मल वैक्स या पॉलिश की तुलना में इस कोटिंग की पकड़ मजबूत होती है।

3. गाड़ी पर की जाने वाली वैक्स या पॉलिश एक-दो बार की धुलाई में ही चली जाती है। वहीं, नैनो कोटिंग को एक बार लगाकर 5 साल तक गाड़ी को सुरक्षित कर सकते हैं।

4. नैनो कोटिंग की तुलना में पेंट की हार्डनेस कम होती है। ऐसे में कोटिंग की मदद से स्क्रैच लगने की चांस 50% से कम हो जाते हैं।

5. गाड़ी के सरफेस पर माइनर स्क्रैच या किसी तरह के निशान है, तो वो कोटिंग से चले जाते हैं।

ऑनलाइन और ऑफलाइन प्राइस

ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केट में नैनो कोटिंग की प्राइस 1000 रुपए से 10 हजार रुपए के बीच में है। कम कीमत वाली कोटिंग की क्वालिटी खराब हो सकती है, यानी ये 5 साल की सर्विस देगी या नहीं, इसकी गारंटी नहीं होती। डिटेलिंग डेविल्स बाइक पर 10 हजार रुपए में नैनो कोटिंग करती है। साथ ही, इस कोटिंग पर 5 साल की वारंटी भी देती है। हर साल गाड़ी को यहां ले जाकर सर्विस करना होती है।

हर मौसम में सुरक्षित

नैनो कोटिंग में कैमिकल रेसिस्टेंस के साथ एक्सट्रीम हाइड्रोफोबिक (जिन पर पानी का असर नहीं होता) होते हैं। जो गाड़ी के कलर को हर मौसम में पूरी तरह सेफ रखते हैं। बर्ड ड्रॉप, पेड़-पौधों का रस, कपड़े के निशान या छोटी रगड़ से भी गाड़ी सुरक्षित रहती है।

  • गर्मी : सूर्य से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणों से गाड़ी का रंग उड़ता है, लेकिन कोटिंग पर इसका असर भी नहीं होता।
  • सर्दी : इस मौसम में यदि गाड़ी के ऊपर ओस जम जाए, तब उससे कोटिंग को कोई फर्क नहीं पड़ता। यानी कलर सेफ रहता है।
  • बारिश : पानी का कोई असर नहीं होता, क्योंकि कोटिंग पर पानी टिक नहीं पाता और जल्दी सूख जाती है।