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पेपर लीक होने से शिक्षा बोर्ड की साख को लगा बट्‌टा

संदेह का यह संदेश देश से बाहर भी जाएगा और दुनिया में हमारी शिक्षण संस्थाओं की पहले से कमजोर साख और कमजोर होगी।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 30, 2018, 01:18 AM IST

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के परचे लीक होने से न सिर्फ देश की इस प्रतिष्ठित संस्था की साख को बट्‌टा लगा है बल्कि लाखों छात्रों और अभिभावकों को धक्का भी लगा है। सीबीएसई आईआईटी-जेईई और मेडिकल से संबंधित नीट जैसी विश्वस्तरीय परीक्षा का भी संचालन करता है, इसलिए उन परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों के मन में भी संदेह पैदा होना स्वाभाविक है। संदेह का यह संदेश देश से बाहर भी जाएगा और दुनिया में हमारी शिक्षण संस्थाओं की पहले से कमजोर साख और कमजोर होगी। मौके की नजाकत को भांपते हुए सरकार ने जांच का आदेश दे दिया है और दिल्ली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए उन कोचिंग वालों को हिरासत में लिया है जिन पर संदेह है।

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस से युवाओं और अभिभावकों को आश्वस्त करने की कोशिश भी की है और राहुल गांधी के उस ट्वीट का जवाब भी दिया है, जिसमें कहा गया था कि इस सरकार में हर चीज लीक हो रही है।

चौकसी और जैसे को तैसा वाली इस प्रतिक्रिया के बावजूद स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की कंबाइन्ड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा में परचा लीक होने की घटना के बाद सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं कक्षा के क्रमशः गणित और अर्थशास्त्र के परचे लीक होने से अपने भविष्य को लेकर आशंकित युवाओं के भीतर निराशा पैदा होती है। मामला दो विषयों के परचा लीक होने तक समाप्त नहीं होता।

कई परीक्षार्थियों का कहना था कि दो नहीं सभी परचे लीक हुए हैं और सभी की परीक्षाएं फिर से होनी चाहिए। अगर लीक होने वाले प्रश्नपत्रों की संख्या बढ़ती है तो छात्रों को उन तमाम परीक्षाओं में दिक्कत पेश आएगी जो सीबीएसई के साथ ही जुड़ी होती हैं। सरकार को यह भी देखना होगा कि पेपर लीक होने का केंद्र दिल्ली ही क्यों रहता है?

अगर उसके तार देश के अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं तो उन्हें भी खोज निकालना होगा। हालांकि, परचे लीक करने वाले व्यापमं घोटाले की जिस तरह से जांच हुई है उससे हमारी जांच एजेंसियां भी पक्षपाती नज़र आती हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्याय, निष्पक्षता और कानून के समक्ष समानता बहुत जरूरी है। सरकार को उन्हें मुन्ना भाइयों से बचाकर हर हाल में सुनिश्चित करना होगा।

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