Hindi News »Abhivyakti »Editorial» BJPs Popularity Decreased, But Public Confidence Lasted

भाजपा की लोकप्रियता घटी, पर जनता का भरोसा कायम

Editorial | Last Modified - Dec 19, 2017, 06:45 AM IST

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के खिलाफ गई और उसके हाथ से एक और प्रदेश की सत्ता चली गई वही लहर गुजरात में ठिठक गई।

गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनावों में भाजपा की विजय ने साबित कर दिया है कि पार्टी और उसके नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्षेत्रीय अस्मिता, बहुसंख्यक राष्ट्रवाद और ईमानदारी सभी मुद्‌दों को अपने पक्ष में मोड़ने की कला में माहिर हैं और जनता का उन पर विश्वास कायम है। वे जब जिस मुद्‌दे को चाहें इस्तेमाल कर सकते हैं और जनता उनकी बात को गौर से सुनती और उन्हें अपना कीमती मतदान करती है। अगर ऐसा न होता तो क्या वजह थी कि जो सत्ता विरोधी लहर हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के खिलाफ गई और उसके हाथ से एक और प्रदेश की सत्ता चली गई वही लहर गुजरात में ठिठक गई।

निश्चित तौर पर इन चुनावों के चैंपियन एक बार फिर नरेंद्र मोदी और उनकी लोकप्रियता को वोटों में परिवर्तित करने वाले अमित शाह बनकर उभरे हैं और इस भारतीय लोकतंत्र के चुनावी मैदान में लगातार अजेय होती जा रही इस जोड़ी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनके साथ जुड़े गुजरात के तीन युवाओं हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवानी और अल्पेश ठाकुर की तिकड़ी और उसके जातीय समीकरणों को ध्वस्त कर दिया। इसमें कोई दो राय नहीं कि नोटबंदी और जीएसटी से आम जनता और व्यापारियों को परेशानी हुई और वे नाराज भी थे लेकिन, नरेंद्र मोदी ने अपने इन कदमों को कांग्रेस के भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक कारगर हथियार के रूप में साबित कर दिया और इसीलिए वह नाराजगी उन्हें चुनावी नुकसान नहीं दिला सकी। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत का श्रेय उस महाआख्यान को है जो उन्होंने बहुसंख्यक राष्ट्रवाद के साथ गुजराती अस्मिता को लेकर रचा है।

इन दोनों में किसी किस्म का टकराव नहीं है। मोदी लोगों को यह समझाने में सफल हो रहे हैं कि देश के हित की सर्वाधिक प्रामाणिक व्याख्या वे ही करते हैं और जो उनसे अहसमत हैं वे या तो विध्नसंतोषी हैं या देशद्रोही हैं। उदारीकरण के ध्वस्त बाजार और जातिवाद, परिवारवाद और भ्रष्टाचार के कड़वे अनुभव के बाद जनता उसी पर रीझी हुई है। गुजरात चुनाव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश संघ की विचारधारा की ओर लगातार फिसल रहा है और उसका विकल्प प्रस्तुत करने की क्षमता न तो कांग्रेस के मध्यमार्गीय सामाजिक दर्शन में है और न ही सामाजिक न्याय की दुहाई देने वाली पार्टियों में।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: bhaajpaa ki lokpriytaa ghti, par jntaa ka bharosaa kaym
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      More From Editorial

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×