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भारत व इजरायल को रिश्तों में संतुलन साधना होगा

आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट हो रहे भारत और इजरायल के रिश्तों की आधारशिला में मजबूती है।

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2018, 06:58 AM IST

आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट हो रहे भारत और इजरायल के रिश्तों की आधारशिला में मजबूती है। यह बात इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत का छह दिवसीय दौरा करके प्रमाणित कर दी। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के विरुद्ध भारत के मतदान को महीने भर भी नहीं हुए थे और भारत ने उनकी मेजबानी करके उनसे यह कहलवा लिया कि दोनों देशों की जोड़ी स्वर्ग में बनी है और आतंकवाद से समान रूप से लड़ रही हैं लेकिन, हार नहीं मानती हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच कृषि, विज्ञान और रक्षा के क्षेत्र में नौ समझौते हुए जिनका उद्‌देश्य भारत में इजरायल की कंपनियों का निवेश बढ़ाना है। भारत जैसे विशाल देश के लिए कृषि और विज्ञान के समझौते ठीक हैं लेकिन, रक्षा संबंधी समझौता आतंकवाद से निपटने के लिए असली गुर सिखा सकता है। इजरायल ने पाकिस्तान के विरुद्ध भारत के सुर में सुर मिलाया है और भरोसा जताया है कि हाफिज सईद जैसे हत्यारों को पकड़ने में हम जरूर सफल होंगे। आतंकवाद के मुद्‌दे पर बन रही इस दोस्ती की राह एकदम सीधी नहीं है इसीलिए दिसंबर में उसे करारा झटका लगा और इजरायल को कहना पड़ा कि हम निराश हुए हैं। वजह साफ है कि कश्मीर के अलगाववादी संघर्ष को भले इजरायल ने समर्थन न दिया हो लेकिन, भारत इजरायल के विरुद्ध फिलीस्तीनियों के संघर्ष का स्पष्ट समर्थन करता रहा है। यह भारत की विदेश नीति का सैद्धांतिक पक्ष भी रहा है और रणनीतिक। भारत अरब देशों से अच्छे संबंध रखना चाहता है। हिंदुत्व के सिद्धांत पर सत्ता में आई भाजपा को भी उस समय फिलिस्तीन समेत दुनिया के साथ खड़ा होना पड़ा जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यरुशलम को इजरायल की राजधानी की मान्यता दे दी। तब इजरायल के एक प्रमुख अखबार ने कहा था कि आकर्षण से प्रेम में बदला भारत और इजरायल का रिश्ता बदल गया है। अखबार का यह भी कहना था कि सऊदी अरब-अमेरिका और इजरायल के अतिवादी रिश्तों के कारण भारत मुश्किल में आ जाता है। यहीं पर रिश्तों में संतुलन की आवश्यकता बनती है। पाकिस्तान से परेशान और हिंदू व यहूदी निकटता के उभरते आख्यान के चलते भारत इजरायल के करीब आने को बाध्य है, लेकिन वर्षों से फिलिस्तीन का साथ देने के नाते वह इतनी जल्दी उसे छोड़ भी नहीं सकता।

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