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खेती में बुनियादी निवेश हो तो रोजगार की स्थिति में सुधार होगा

आम बजट कुछ ही दिनों में पेश किया जाने वाला है। आम आदमी, कर्मचारी और युवा वर्ग सभी को सरकार से राहत की उम्मीद है।

महेश कुमार सिद्धमुख | Last Modified - Jan 16, 2018, 07:04 AM IST

  • खेती में बुनियादी निवेश हो तो रोजगार की स्थिति में सुधार होगा

    आम बजट कुछ ही दिनों में पेश किया जाने वाला है। आम आदमी, कर्मचारी और युवा वर्ग सभी को सरकार से राहत की उम्मीद है। भारत में सबसे ज्यादा युवा आबादी है लेकिन, युवाओं के लिए रोजगार उत्पन्न करने की चुनौती लगातार गहराती जा रही है। साल के अंत तक आंकड़ों के मुताबिक औद्योगिक उत्पादन करीब 25 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचना मंदी की आलोचना झेल रही सरकार के लिए अच्छी खबर है लेकिन, इस बजट में किसान को बजट का केंद्र बनाने की आवश्यकता है।


    खुदरा महंगाई दर 16 महीने के उच्च स्तर पर 5.21 प्रतिशत पहुंच गई है लेकिन, किसानों को फसल का उचित दाम मिलना मुश्किल हो रहा है। पैदावार कम होने पर भाव बढ़ा दिए जाते है लेकिन, पैदावार ज्यादा होने पर भाव नहीं मिलता, इसलिए ग्रामीण किसानों के लिए बुनियादी निवेश करने की आवश्यकता है। हर बजट में कृषि में आमदनी को दोगुना करने का लक्ष्य और उत्पादन बढ़ाने की बात तो होती है लेकिन, किसान की मेहनत से पैदा किए अनाज का भी ठीक से भंडारण नहीं हो पाता है और किसानों की पैदावार पर लागत मूल्य लगातार बढ़ता जा रहा है। दरअसल, सिंचित क्षेत्रों से बाहर निकलकर बारिश पर निर्भर खेती को ध्यान में रखकर नीति बनाने की आवश्यकता है। सरकार की ओर से शुरू की गई मृदा स्वास्थ्य योजना (सॉइल हेल्थ कार्ड) के उम्मीदों के मुताबिक परिणाम नहीं मिले। यह किसानों में जागरूकता न होने का भी संकेत है।


    नई टेक्नोलॉजी से कृषि के लिए बजट में आधुनिक औजारों पर सरकारों की ओर से रियायत दिए जाने की आवश्यकता है। अगर हम भारत की तुलना विकसित देशों से करते हैं तो हमें 60 फीसदी खेती पर निर्भर किसानों की स्थिति को भी ध्यान में रखना चाहिए, वहीं मजदूरों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए मेडिकल इलाज में छूट मिलनी चाहिए और न्यूनतम आय सुनिश्चित करने के लिए कारगर श्रम कानून बने तथा न्यूनतम वेतन निर्धारित होना चाहिए। कृषि पर फोकस से ग्रामीण बेरोजगारी कम करने में मदद मिलेगी, जिसका शहरी रोजगार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

    महेश कुमार सिद्धमुख, 21
    महाराजा गंगासिंह यूनिवर्सिटी, बीकानेर
    mkumar.sidhmukh@gmail.com

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