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बच्चों को शरीर, मन, आत्मा का फर्क बताएं

शरीर का ठीक से लाभ उठाएं, मन के दुरुपयोग से बचें और आत्मा के ज्ञान से भेद मिटा दें।

पं. विजयशंकर मेहता | Last Modified - Mar 09, 2018, 08:08 AM IST

बच्चों को शरीर, मन, आत्मा का फर्क बताएं

आज के दौर में जीवन इतना तेजी से दौड़ रहा है कि शरीर कई बीमारियों का मलबा बनकर रह गया है। मन अनर्गल विचारों का ढेर हो गया और आत्मा अत्यधिक अज्ञान का विषय बन गई। शरीर का लाभ उठाना चाहिए। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में शरीर हमारी बहुत मदद करता है लेकिन, जब हम मन का अत्यधिक उपयोग करते हैं तो यही प्रतिस्पर्धा प्रतिद्वंद्विता में बदल जाती है। और यदि आत्मा को जानने की तैयारी करते हैं तो भीतर करुणा उतर जाती है। शरीर का ठीक से लाभ उठाएं, मन के दुरुपयोग से बचें और आत्मा के ज्ञान से भेद मिटा दें। इन बातों के लिए शरीर, मन और आत्मा के भेद को मानना व समझना पड़ेगा। आज ऐसे कई लोग हैं, जिन्हें यह नहीं मालूम कि शरीर, मन और आत्मा में भेद होता है। वे समझते हैं जो हमारा नाम है, पहचान है, वही शरीर है और वही हम हैं। उन्हें यह बात बहुत देर बाद समझ में आती है कि हम अलग हैं, शरीर अलग है। तब तक वे इतना तनावपूर्ण, परेशानीभरा जीवन जी चुके होते हैं कि अंतिम समय में थक जाते हैं। हम बच्चों को जो भी बातें सिखाते हैं, उसमें एक बात उन्हें बचपन से सिखाई जाए कि शरीर, मन और आत्मा में भेद होता है। यह बात माता-पिता अपने आचरण और लगातार उन पर काम करने से ही सिखा सकते हैं। आप अपने बच्चों को विरासत में जो कुछ भी दें, लेकिन यह अहसास और समझ जरूर दीजिए ताकि वे तनावपूर्ण जीवन से बचकर उनकी उपलब्धियों का भरपूर उपयोग कर सकें, आनंद उठा सकें।

जीने की राह

पं. विजयशंकर मेहता
humarehanuman@gmail.com

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Web Title: bachcho ko shrir, mn, aatmaa ka frk btaaen
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