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जीने की राह: योग से मन को काबू करके नशे से बचें

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पं. विजयशंकर मेहता | Last Modified - Mar 14, 2018, 01:59 AM IST

जीने की राह: योग से मन को काबू करके नशे से बचें

और कुछ तंत्र-मंत्र सीखें या न सीखें, जहर उतारने का मंतर जरूर सीख लीजिए, क्योंकि आप ही के भीतर कुछ तत्व ऐसे हैं जो काटेंगे और अपना जहर भर देंगे। तब आपको अपने ही भीतर का जहर उतारना है। ऐसा ही एक जहर है नशा। नशा कैसा भी हो, शराब का, अफीम का या कोई अन्य प्रकार का। इसकी शुरुआत मौज-मस्ती से होती है। लोग नशे में उतरते हैं और फिर धीरे-धीरे यह उनकी आदत बन जाती है।

मैंने कई लोगों को शराब और अन्य नशे उस अति तक करते देखा है कि वे लगभग बर्बाद हो गए। उनके घर के लोग परेशान हैं और कहते हैं शुरू में ये शराबखोरी एक स्टेटस सिंबल, एक मस्ती के लिए किया करते थे और अब तो लत ही बना ली है। फिर उनके हितैषी उस लत को छुड़वाने के लिए इधर-उधर भागते हैं।

यदि आपको किसी का नशा छुड़वाना हो तो एक बात ध्यान में रखिए कि नशा शरीर का नहीं, मन का विषय है। जिसका भी नशा छुड़ाना हो, पहले उसके मन पर काम कीजिए। नशे वाला आदमी अनपेक्षित व्यवहार करता है, उग्रता में उतरता है, पुरानी बातों को याद करता है। ऊंचे स्वर में बोलने लगता है, अजीब-सा शारीरिक प्रदर्शन करता है, और इन सबका संचालन मन से होता है। मन पर काम करने के लिए योग बहुत जरूरी है। योग से मन नियंत्रण में आता है और नियंत्रित मन नशे की लत से बचा सकता है। आज योग की बात इसीलिए की जाती है ताकि नशे की लत से बचा जा सके।

जीने की राह

पं. विजयशंकर मेहता
humarehanuman@gmail.com

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Web Title: jine ki raah: yoga se mn ko kabu karke nashe se bchen
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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