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बिटकॉइन पर निगरानी रखें, सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है

बिटकॉइन मुद्रा के प्रति दीवानगी और इसकी कीमतों में भारी उछाल के कारण यह भारत सहित लगभग सभी देशों में चर्चा में है।

रजनीश भगत,22 बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर rajnishmuz23gmail.com | Last Modified - Dec 19, 2017, 06:58 AM IST

बिटकॉइन पर निगरानी रखें, सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है

बिटकॉइन मुद्रा के प्रति दीवानगी और इसकी कीमतों में भारी उछाल के कारण यह भारत सहित लगभग सभी देशों में चर्चा में है। दरअसल, बिटकॉइन क्रिप्टोग्राफी प्रोग्राम पर आधारित ऑनलाइन मुद्रा है, जिसकी स्थापना सातोशी नकामोतो ने की थी। नए बिटकॉइन बनाने के तरीके को बिटकॉइन माइनिंग कहा जाता है। यह ब्लॉकचैन तकनीक पर काम करता है। इस तकनीक में क्रेता-विक्रेता के बीच पैसे का सीधे स्थानान्तरण किया जाता है अर्थात इस ट्रांजेक्शन में किसी भी थर्ड पार्टी जैसे बैंक, मनी ट्रान्सफर आदि की आवश्यकता नहीं होती है। साथ ही किसी प्रकार का सेवा शुल्क भी नहीं देना पड़ता है। जिन देशों में इंटरनेट का उपयोग करने वाले लोग ज्यादा है, वहां वर्चुअल करेंसी का लेन-देन ज्यादा हो रहा है। इसका नियमन नहीं के कारण दुनियाभर के केंद्रीय बैंक चिंतित हैं।


भारत में तो नियमन में खामी तथा कर चोरी की आशंका में आयकर विभाग नेे प्रमुख शहरों में आभासी मुद्रा डीलरों के यहां तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है। बिटकॉइन के संदर्भ में सबसे बड़ी समस्या इसका ऑनलाइन होना हैं, क्योंकि इसके कारण इसकी सुरक्षा बड़ी समस्या बन जाती है और इसके हैक होने का खतरा बना रहता है। दूसरी सबसे बड़ी समस्या इसके नियंत्रण, नियमन एवं प्रबंधन की है। भारत जैसे कई देशों ने अभी तक इसे मुद्रा के रूप में स्वीकृति प्रदान नहीं की हैं।


स्पष्ट है कि यदि लंबे समय के लिए बिटकॉइन को प्रबंधन के दायरे से बाहर रखा जाता है तो आपराधिक तत्वों के साथ-साथ आतंकी गुटों द्वारा भी इसका गलत इस्तेमाल किए जाने का खतरा बना रहेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा भी खतरे में आ सकती है। वस्तुतः बिटकॉइन का प्रबंधन ठीक उसी रूप में किया जाना चाहिए, जिस रूप में सेबी पूंजी बाज़ार में मौजूद पार्टिसिपेटरी नोट्स का प्रबंधन एवं नियमन करता है। लेकिन, यह भी आवश्यक है कि सेबी पर बोझ न बढ़ाकर इसके लिए एक स्व-नियामक बोर्ड का गठन किया जाए और यथाशीघ्र इसे कानूनी रूप देकर लेन-देन के लिए सत्यापन की प्रक्रिया को अपनाया जाए।

रजनीश भगत,22
बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर
rajnishmuz23gmail.com

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