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भारत के हित में है ट्रम्प की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति

राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति की घोषणा के साथ पाकिस्तान को हिदायत देने और भारत को अहमियत देने का दृढ़ रुख प्रकट किया है।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 07:20 AM IST

राजनयिक रूप से अस्थिर समझे जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आखिरकार अपनी पहली राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति की घोषणा के साथ पाकिस्तान को हिदायत देने और भारत को अहमियत देने का दृढ़ रुख प्रकट किया है। उन्होंने पाकिस्तान को न सिर्फ आतंकवाद विरोधी अभियान को दृढ़तापूर्वक चलाने का सुझाव दिया है बल्कि नाभिकीय हथियारों को सुरक्षित रखने और उनके प्रसार को रोकने को भी कहा है। यह नीति उनकी वैश्विक ध्रुवीकरण वाली उसी दिशा पर आधारित है, जिसमें हर कीमत पर अमेरिका को दुनिया में सर्वोपरि रहना है और दुनिया के जो देश उसके मित्र हैं उनके साथ मिलकर नई विश्वव्यवस्था का सृजन करना है। उन्होंने अपनी इस योजना में भारत को अफगानिस्तान में निवेश बढ़ाने और उसके पुनर्निर्माण में ज्यादा योगदान देने के लिए उत्साहित किया है।

पाकिस्तान को न सिर्फ भारत को प्रमुख वैश्विक शक्ति बताया जाना बुरा लगा है बल्कि अफगानिस्तान में भारत की भूमिका बढ़ाने की बात भी नागवार गुजरी है। इसी की प्रतिक्रिया में उसके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नसीर खान जनजुआ कह बैठे हैं कि दक्षिण एशिया में नाभिकीय युद्ध एक वास्तविक संभावना है। पाकिस्तान की इस प्रतिक्रिया के पीछे उसके करीबी देश चीन और रूस के संकेतों से इनकार भी नहीं किया जा सकता, क्योंकि रूसी राष्ट्रपति पुतिन से अच्छे संबंधों के बावजूद ट्रम्प ने रूस को भी चेतावनी दी है और अपने आर्थिक वर्चस्व को बहाल करने का संकल्प दोहराते हुए चीन को भी चुनौती दी है। पाकिस्तान की परमाणु युद्ध की चेतावनी कितनी असली है और कितनी धौंसपट्‌टी वाली यह तो समय बताएगा लेकिन, वह इस बहाने कश्मीर के मुद्‌दे को उछालना चाहता है और उस पर अमेरिका और दुनिया की दूसरी ताकतों की तरफ से किसी तरह की पहल चाहता है।

पाकिस्तान रणनीतिक तौर पर अमेरिका के लिए जरूरी है इसके बावजूद अमेरिका उस पर भरोसा नहीं कर पा रहा है। यह जटिल राजनयिक स्थिति भारत को आक्रामक होने और अपनी भूमिका बढ़ाने का अवसर प्रदान कर रही है। भारत की मौजूदा सरकार को यह आक्रामकता अंतरराष्ट्रीय राजनय के लिहाज से भी अनुकूल लगती है और घरेलू राजनीति के लिहाज से भी। हालांकि, इससे इस क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा। देखना है कि उससे कितनी समस्या बढ़ती है और कितना हल निकलता है।