Hindi News »Abhivyakti »Jeene Ki Rah» Personality And Nobility

बड़े हो गए हैं तो व्यक्तित्व में बड़प्पन लाइए

बड़ा होना और बड़प्पन में यही फर्क है। भौतिक संसाधन आपको बड़ा बनाते हैं।

Vijayshankar Mehta | Last Modified - Dec 14, 2017, 04:25 AM IST

  • बड़े हो गए हैं तो व्यक्तित्व में बड़प्पन लाइए

    कहते हैं बहुत अच्छे तैराक तैरते नहीं, बहते हैं। शातिर चोर अपने पीछे कोई निशान नहीं छोड़ता, कुशल धावक के पदचिह्न ढूंढ़े नहीं जा सकते। ये लक्षण इस बात के प्रतीक हैं कि ऐसा मान लो कि जो काम भी किया वह किया तो आपने लेकिन, कराने वाला कोई और है। जिस दिन हम इस भावना से काम करते हैं, एक खामोशी उतरती है और हमारे भीतर ऊर्जा का असीम भंडार तैयार होने लगता है। यहीं से व्यक्तित्व में बड़प्पन उतरता है। बड़ा होना और बड़प्पन में यही फर्क है। भौतिक संसाधन आपको बड़ा बनाते हैं।

    पद-प्रतिष्ठा हो, धन हो, ख्याति हो.. ये आपको बड़ा बना सकेंगे और इस दृष्टि से बड़ा होते ही आप दूसरों को छोटा मानने लगते हैं। किंतु, बड़प्पन का अर्थ है सभी को अपने जैसा मानना। बड़ा होना भेद पैदा करता है, बड़प्पन समानता लाता है। जिसमें बड़प्पन उतरता है वह अपने पीछे कुछ नहीं छोड़ता। उसके लिए तो बस, करना है, क्योंकि कोई और करवा रहा है। भारत के घर-परिवारों में बड़प्पन शब्द का बहुत महत्व है। जब आप घर में बड़े होते हैं तो यह सांसारिक व्यवस्था है। बड़े होते ही चुनौती तब शुरू होती है जब उसमें बड़प्पन लाना पड़ता है। इसके लिए क्षमा का भाव, धैर्य, गंभीरता, विशाल हृदय और सबको साथ लेकर चलने की भावना जरूरी है। बस, यहीं से आपके भीतर बड़प्पन उतर पाता है। ऐसा करना कठिन हो तो यह मानकर चलिए कि आप नहीं, कोई और आपसे करवा रहा है। यहां से बड़प्पन आसानी से भीतर उतर आएगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Jeene Ki Rah

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×