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शांति पाने का बहुत बड़ा माध्यम है योग

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Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 06:10 AM IST
pt vijayshankar mehta jeene ki raah column

धीरे-धीरे अब लोगों को समझ में आने लगा है कि मनुष्य की ज़िंदगी में बाजार बहुत हावी हो गया है। बाजार का मतलब होता है या तो लुट जाओ या किसी को लूट लो। इस बाजार की दुनिया में रहना मनुष्य की नियति है। यहां आप बहुत सारी चीजें ढूंढ़ेंगे, लेकिन एक बात का ध्यान रखिएगा कि आने वाले वक्त में शायद कोई ऐसा बाजार ही नहीं होगा, जहां से किसी प्रकार की शांति प्राप्त की जा सके। पूरी दुनिया के संजिदा लोग जानते हैं कि शांति न सुख में है, न सुविधा में, न साधनों में और न ही विकास या प्रगति में है। लेकिन ये सब जरूरी है और उतनी ही जरूरी शांति भी है। इसीलिए अंतराष्ट्रीय स्तर पर 1 से 7 मार्च तक योगा सप्ताह मनाया जा रहा है। कुल-मिलाकर इस बात को दुनिया मान रही है कि शांति की तलाश में योग एक बहुत बड़ा माध्यम है। चलिए, ये सात दिन हम भी शांति की तलाश करें। इसके लिए बाहर कहीं नहीं जाना है। मनुष्य के भीतर सात चक्र हैं। पहला मूलाधार। हमारे मेरूदंड का सबसे निचला हिस्सा, काम केंद्रों के नीचे का स्थान। मूलाधार चक्र हमारा दुश्मन भी हो सकता है और दोस्त भी। यहां थोड़ी सावधानी रखिएगा। यहां काम केंद्र है। जीवन की ऊर्जा यहीं पड़ी है। हो सकता है आप बहुत गलत निर्णय ले बैठें। एक-एक चरण ऊपर उठिए। इसका अगला चरण नाभि से तीन उंगल नीचे स्वाधिष्ठान चक्र और इसे उठाने का तरीका योग है। इन दिनों आपके पास योग का जो भी माध्यम हो, जुड़िए जरूर।

जीने की राह
पं. विजयशंकर मेहता
humarehanuman@gmail.com

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