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जीएसटी में राहत से आर्थिक रफ्तार तेज होने की उम्मीद

जीएसटी के साथ नोटबंदी के जुड़ जाने से तमाम विशेषज्ञ इस बात पर एकमत नहीं हैं।

Danik Bhaskar | Jan 20, 2018, 04:53 AM IST

जीएसटी काउंसिल ने 29 वस्तुओं और 53 सेवाओं पर कर दरों में छूट देकर आर्थिक तरक्की को रफ्तार देने की कोशिश की है लेकिन, इसका असर कब तक होगा यह बताना जल्दबाजी होगी। इस छूट का दायरा उद्योग, आवास, ऑटोमोबाइल और शिक्षा सभी तक फैला हुआ है और निश्चित तौर पर मध्यवर्ग को राहत मिलेगी। छोटे तथा मझोले उद्योग भी उत्साहित हो सकते हैं। बायोडीजल, बोतलबंद पानी, हीरा, शुगर कैंडी, टेलरिंग, चमड़े के सामान, मनोरंजन पार्क, शिक्षा और कम दाम वाले आवास को छूट पाने वालों की सूची में डाला गया है। इसमें चमड़े के सामानों के साथ कुछ पेट्रोलियम उत्पाद भी हैं लेकिन, पेट्रोल, रियल एस्टेट और शराब को इस बार भी जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार नहीं किया जा सका।

उम्मीद थी कि जीएसटी भरने वाला फॉर्म भी सरल बनाया जाएगा लेकिन, अभी उसकी विधिवत रूपरेखा नहीं बन पाई है। जीएसटी परिषद ने केंद्र-राज्य के बीच सहमति बनाने के लिए जो जटिल सूत्र निर्धारित कर रखा है और जिसमें बार-बार सुधार किया जाता है उसके औचित्य को समझ पाना कठिन है। इसलिए छूट मिलने के बाद भ्रम और बढ़ जाता है। अगर यह सब चुनावी माहौल में लाभ लेने के लिए किया जा रहा है तो स्पष्ट है कि पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के आगामी चुनाव में सरकार को कुछ फायदा मिल जाएगा। बाकी काम सरकार 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में कर देगी। लेकिन असली उद्‌देश्य चुनावी लाभ लेने की बजाय अर्थव्यवस्था को लाभ देने का होना चाहिए, जिससे पूरे देश को लाभ भी हो और लोगों को सुविधा मिले। फिलहाल इस छूट से सरकार को फायदे की बजाय 1000 से 1200 करोड़ रुपए के कर की हानि होने वाली है।

जीएसटी के साथ नोटबंदी के जुड़ जाने से तमाम विशेषज्ञ इस बात पर एकमत नहीं हैं कि अप्रैल 2019 से पहले इसका कोई फायदा दिखेगा। भले ही जीडीपी की वृद्धि की रफ्तार का अनुमान बढ़कर 6.9 तक आ गया है लेकिन, अभी महंगाई की दर 17 महीनों में सबसे ज्यादा होने के कारण रिजर्व बैंक को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह पेट्रोल और खाद्य पदार्थों के ऊंचे दाम हैं। अगर महंगाई बढ़ती जाती है तो उपभोग, निवेश और विकास के संतुलित रिश्ते का गणित गड़बड़ा सकता है। देखना है बड़ी उम्मीदों के साथ लगाए गए जीएसटी के बड़े पेड़ में फल कब लगते हैं।