Hindi News »Abhivyakti »Hamare Columnists »Others» Rizwan Ansari Talkingn About Rajnikant And Politics

राजनीति बदलने उतरे रजनीकांत के सामने कई चुनौतियां

आरके नगर उपचुनाव में शशिकला के भतीजे दिनाकरन की भारी जीत ने इन सभी को झटका दिया है।

rizwan ansari | Last Modified - Jan 17, 2018, 05:13 AM IST

  • राजनीति बदलने उतरे रजनीकांत के सामने कई चुनौतियां
    रिज़वान अंसारी, 25 जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली

    सुपरस्टार रजनीकांत का राजनीति में आना तमिल राजनीति में एक नए युग का प्रारंभ हो सकता है। पिछले 50 वर्षों में जिस प्रकार वीएन जानकी, अन्नादुरई, जयललिता समेत कई फिल्मी हस्तियां तमिल राजनीति की सत्ता पर काबिज रही हैं, उससे उससे परिस्थितियां अनुकूल लग रही है। फिर द्रमुक और अन्नाद्रमुक जैसी पुरानी पार्टियों के बावजूद राज्य में राजनीतिक शून्य की स्थिति बनी हुई है। जहां जयललिता के निधन के बाद से अन्नाद्रमुक में दिशाहीनता है, वहीं दूसरी ओर द्रमुक प्रमुख करुणानिधि बूढ़े हो चले हैं और उनके पुत्र स्टालिन उम्मीद पर खरे नहीं उतर रहे हैं। हाल के आरके नगर उपचुनाव में शशिकला के भतीजे दिनाकरन की भारी जीत ने इन सभी को झटका दिया है।


    लेकिन, सवाल है कि क्या रजनीकांत की राह सचमुच इतनी आसान है? क्या राजनीति में उनकी कामयाबी के लिए उनके शुभचिंतक, मित्र और फैन क्लब ही काफी है? उनके सामने कई चुनौतियां हैं। पहली चुनौती यह है कि कई स्तर पर पार्टी को आकार कैसे दिया जाए। राज्य में सरकार बनाने लायक बहुमत पाने के लिए पार्टी को कई विश्वसनीय और प्रतिभाशाली व्यक्तियों की जरूरत पड़ेगी। सारी 234 सीटों के लिए इतनी बड़ी तादाद में विश्वसनीय चेहरे ढूंढ़ना बड़ी चुनौती होगी। दूसरा, एक ऐसे समय में जब भ्रष्टाचार नेताओं के सिर चढ़कर बोल रहा है, तब पार्टी में हर स्तर पर पारदर्शिता स्थापित करना और सभी जरूरी संसाधन पारदर्शी तरीके से जुटाना भी बड़ी चुनौती होगी। तीसरा, मौजूदा राजनीति में जिस प्रकार से ‘राज्य की अस्मिता’ और क्षेत्रवाद का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है, उसकी वजह से भी रजनीकांत की राहें आसान नहीं लगती।


    वे मूल रूप से महाराष्ट्र के हैं और गुजरात व बिहार विधानसभा चुनावों में जिस प्रकार से नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार ने खुद को ‘राज्य का बेटा’ बताकर, कठिन चुनाव होने के बावजूद समीकरण अपने पक्ष में मोड़े, उससे ऐसा ही लगता है। बहरहाल, कई चुनौतियां होने के बावजूद जिस प्रकार से उन्होंने आध्यात्मिक, ईमानदार, वास्तविक और नैतिक राजनीति की बात की है, उससे लोग उनकी ओर उम्मीद से देख रहे हैं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Rizwan Ansari Talkingn About Rajnikant And Politics
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Others

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×