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गुजरात में नई सरकार की शपथ के संयोग और गुजरातियों के सपने

शपथ ग्रहण में 18 मुख्यमंत्रियों को बुलावा भेजकर बीजेपी ने भी अपने 'वर्चस्व’ की नई शुरुआत कर दी है।

Danik Bhaskar | Dec 26, 2017, 01:39 AM IST
गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को दो फे गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को दो फे

विजय रूपाणी 26 को लगातार दूसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इस आयोजन के साथ कई रोचक संयोग बन रहे हैं। शपथ की तारीख 26 है। जिसे पलट दिया जाए तो 62 बन जाता है और इतनी ही रूपाणी की उम्र होने वाली है। ये बीजेपी की लगातार छठी सरकार है और नया साल 2018 शुरू होने में भी 6 दिन ही बचे हैं। नया साल 18वां साल है। ये उम्र हमेशा नई शुरुआत, नई उम्मीद और नए उत्साह का प्रतीक होती है। शपथ ग्रहण में 18 मुख्यमंत्रियों को बुलावा भेजकर बीजेपी ने भी अपने 'वर्चस्व’ की नई शुरुआत कर दी है। एक नई उम्मीद और नए उत्साह के साथ।

हां, एक और बात है। जैसे-जैसे बीजेपी की सीटें घटती गईं, वैसे-वैसे मेहमान मुख्यमंत्रियों की संख्या जरूर बढ़ती गई। 2002 में बीजेपी ने 127 सीटें जीती थीं और शपथ समारोह में जयललिता समेत 4 मुख्यमंत्री आए थे। 2007 में सीटें 117 हो गईं और मेहमान मुख्यमंत्री बढ़कर 5 हो गए। 2012 में सीटें हो गईं 115, जबकि समारोह के अतिथि मुख्यमंत्री की संख्या 7 तक पहुंच गई। अब जब उसे सबसे कम सीटें (99) मिली हैं, ऐसे में मुख्यमंत्रियों संख्या सबसे ज्यादा (18) हो गई है।

बहरहाल, पिछले 5 बार की तुलना में इस बार सरकार ज्यादा कसौटी पर होगी। बीजेपी को जिताने वाले तो उसे पल-पल परखेंगे ही, बाकी लोगों की भी नजरें होंगी। अब पूरी सरकार को सोचना चाहिए कि आखिर वो क्या वजहें रही जिसकी वजह से 150 का सपना 99 पर अटक गया? 'सरकार’ को उन चेहरों को मंत्रिमंडल के लिए चुनना चाहिए जो साढ़े छह करोड़ गुजरातियों की उम्मीदों को पूरा कर सके। क्योंकि आप सिर्फ एक सरकार नहीं बना रहे, बल्कि आप एक सपना जगा रहे हैं। आप अगर दोबारा 127 पर पहुंचना चाहते हैं तो ये सपने मत टूटने देना। लोकसभा चुनाव को करीब डेढ़ साल है। अगर आप एक बार फिर 26 सीटें चाहते हैं तो वही पुराना वाला विश्वास वापस जगाना होगा।


उम्मीद है सरकार इस दिशा में ही आगे बढ़ेगी । साथ ही मंत्रिमंडल में शामिल सारे चेहरे खुद को न सिर्फ जन-सेवक समझेंगे, बल्कि जनसेवा जैसा महसूस भी कराएंगे।
-शुभकामनाएं।