Hindi News »Abhivyakti »Hamare Columnists »Others» Sudhir Kumar Talking About Ujjwala Youjna

‘उज्ज्वला’ से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की कोशिश

हृदय संबंधी बीमारियां होती हैं। यह योजना महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है।

सुधीर कुमार | Last Modified - Feb 07, 2018, 06:23 AM IST

  • ‘उज्ज्वला’ से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की कोशिश
    सुधीर कुमार, 23 एमए इतिहास,बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय,बनारस

    सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को लक्षित महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री उज्जवला योजना’ के जरिए तीन साल में 8 करोड़ बीपीएल परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन पहुंचाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना की वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 मई 2016 को शुरुआत के बाद से अब तक गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे सवा तीन करोड़ से अधिक परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन से जोड़ा जा चुका है।


    ‘स्वच्छ ईंधन : बेहतर जीवन’ का कथन साकार करने के लिए सरकार इस परियोजना पर 8000 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। गौरतलब है कि इस योजना के वित्त पोषण के लिए पीएम की ‘गिव इट अप’ मुहिम के तहत एक करोड़ से अधिक सक्षम लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ दी है। आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी पेट्रोलियम कंपनियां इस योजना में 30 हजार करोड़ रुपये निवेश कर रही हैं। उज्ज्वला योजना का लक्ष्य गरीबों के किचन को धुंआ मुक्त कर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, परंपरागत चूल्हा जलाने से महिलाएं जितना धुआं सांस के माध्यम से अंदर ले लेती है, वह एक घंटे में 400 सिगरेट जलने के बराबर होता है। देश में उपले व लकड़ी से निकलने वाले धुएं से बच्चों में न्यूमोनिया और बड़ों में फेफड़े व हृदय संबंधी बीमारियां होती हैं। यह योजना महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है।


    बेशक, यह बेहतरीन परियोजना है, लेकिन इसके दुर्बल पक्ष नजरअंदाज नहीं किए जा सकते। पिछले दो वर्षों में 3 करोड़ लोगों को इससे जोड़ा गया, क्या अगले एक वर्ष में 5 करोड़ अतिरिक्त बीपीएल परिवारों को इससे जोड़ना आसान होगा? जिन तीन करोड़ घरों में गैस कनेक्शन दिया गया है, वहां वस्तुस्थिति क्या है? क्या उन सभी घरों में गैस से खाना बन रहा है या खर्च बचाने के लिए चूल्हा भी जलाया जा रहा है? बीपीएल परिवारों को मिलने वाला गैस सिलेंडर वे किसी दूसरे को बेच तो नहीं रहे? इस पर भी ध्यान देने की जरुरत है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Others

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×