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परिवार में सहयोग दें पर अपेक्षा न रखें

बाहर की दुनिया में तो आप किसी को सहयोग दें या किसी की मदद लें तो उसे लंबे समय कायम रखना जरूरी नहीं है।

Dainik Bhaskar

Jan 19, 2018, 06:27 AM IST
पं. िवजयशंकर मेहता पं. िवजयशंकर मेहता

जिन लोगों के साथ काम करना पड़ सकता है, जिंदगी बितानी पड़ेगी, उनके मामले में आपके पास बहुत अधिक च्वॉइस नहीं होती। काम-काज के स्थान पर ऐसे अनेक लोगों से आपका लेन-देन होगा, मेल-मुलाकात होगी, जिनके साथ न चाहते हुए भी आपको समय बिताना है, बात करना है, काम करना है।

यहां मजबूरी है लेकिन, फिर भी आपके पास थोड़ी-सी संभावना है कि काम बदल लें, व्यक्ति बदल लें। लेकिन, घर में जो सदस्य हैं, जो आपके रिश्ते हैं उनके मामले में बहुत ज्यादा च्वॉइस नहीं चलेगी। ऊपर वाले ने रिश्तों से जोड़कर जो सदस्य जिं़दगी में दे दिए हैं, उन्हें आप कैसे बदलेंगे? निष्ठुर होकर बदल लें वह बात अलग है, पर सामान्य रूप से उनके साथ भी समय बिताना ही है। ऐसे समय सामने वाले की खूबी और कमजोरी दोनों ठीक से समझें। फिर उसके साथ समय बिताने में दिक्कत नहीं आएगी। घर और परिवार में सभी सदस्यों को सहयोग दें पर अपेक्षा नहीं रखें। बाहर सहयोग लें पर यहां भी अधिक अपेक्षा न रखें। बाहर की दुनिया में तो आप किसी को सहयोग दें या किसी की मदद लें तो उसे लंबे समय कायम रखना जरूरी नहीं है।

लोग बदलते रहेंगे, हालात बदलते रहेंगे लेकिन घर के भीतर तो यह संघर्ष सतत चलेगा और अंत तक आपको उसका साथ निभाना पड़ सकता है। इसलिए कम से कम घर के सदस्यों की खूबी और कमजोरी दोनों को बहुत अच्छे से जानें, समझें और फिर उनके साथ बर्ताव करें। फिर यह व्यवहार मजबूरी नहीं होगा, बल्कि कठिन होने के बाद भी रिश्ते का आनंद देता रहेगा।

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पं. िवजयशंकर मेहतापं. िवजयशंकर मेहता
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