Hindi News »Abhivyakti »Editorial» Talking About Indian Unique Identification Authority

आधार के सत्यापन में होगी चेहरे की भी भूमिका

फैसला निश्चित तौर पर देश की बुजुर्ग, बीमार और मेहनतकश जनता के पक्ष में है।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 17, 2018, 05:05 AM IST

अच्छी बात है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण का ध्यान मीडिया की रपटों के माध्यम से जनता की शिकायतों की ओर गया है और आधार के सत्यापन के लिए उंगलियों के निशान, आंख की पुतली के साथ इनसान के चेहरे को भी शामिल कर लिया गया है। यह फैसला निश्चित तौर पर देश की बुजुर्ग, बीमार और मेहनतकश जनता के पक्ष में है।

उंगलियों के निशान के बारे में ऐसा पाया गया है कि खेत-खलिहान और कारखाने में काम करने वालों किसानों और मजदूरों और एलर्जी पीड़ितों व बूढ़े लोगों की उंगलियों की छाप बदल जाती है और रेखाएं उस रूप में नहीं रह पातीं जैसी आधार कार्ड बनवाते समय थीं। ऐसी स्थिति में बैंक, दूरसंचार, बीमा, आयकर और दुकानों पर सामान खरीदते समय समस्या आती है। सत्यापन के लिए चेहरे को वरीयता देने के साथ एक सुविधा यह भी दी गई है कि आधार कार्ड बनवाते समय जो फोटो खिंचवाई गई थी प्राधिकरण का काम उसी से चल जाएगा, बस कार्ड धारक को सत्यापन के समय पर चेहरे पर कोई भाव लाना होगा ताकि पहचान पूरी हो सके।

इससे पहले सरकार ने एक आभासी आईडी बनाने का भी फैसला किया था ताकि एक बार के उपयोग के लिए पैदा होने वाला 16 अंकों का नंबर किसी भी दफ्तर में काम चलाने के लिए पर्याप्त रहे। उस नंबर से कोई भी कर्मचारी सिर्फ उतनी ही जानकारी प्राप्त कर सकेगा, जितनी उस विभाग या कंपनी के काम के लिए जरूरी हो। आधार के बारे में तमाम सवालों से घिरे प्राधिकरण का यह कदम स्वागत योग्य है लेकिन, सवाल यह है कि साइबर अपराध और युद्ध के बढ़ते खतरे के समक्ष क्या इतने उपायों पर हमेशा के लिए विश्वास किया जा सकता है? हम न तो इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट एंड रिसर्च इन बैंकिंग टेक्नोलाॅजी के एडजंक्ट फैकल्टी एस. अनंत के शोध प्रपत्र को पूरी तरह से खारिज कर सकते हैं और न ही अमेरिकी कंप्यूटर विशेषज्ञ एडवर्ड स्नोडेन की चेतावनी को। अनंत ने अक्टूबर 2017 में प्रकाशित स्टाफ पेपर्स में दावा किया है कि आधार ने साइबर अपराधियों और देश के दुश्मनों को भारतीय व्यापार और प्रशासन को पंगु बनाने का ऐसा एकल लक्ष्य प्रदान किया है। इन चेतावनियों के मद्‌देनजर प्राधिकरण को एक भरोसेमंद गतिशील सुरक्षा व्यवस्था बनानी होगी और आधार में केंद्रित होती जा रही सभी सुविधाओं को विकेंद्रित करना होगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: aadhar ke styaapn mein hogai chehare ki bhi bhumika
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Editorial

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×