Hindi News »Abhivyakti »Editorial» Talking About Man Ki Baat

युवा आबादी का फायदा उठाने में रोड़ा न बनंे चुनावी नीतियां

रोजगारहीन आर्थिक वृद्धि के कारण हाल के वर्षों में सार्वजनिक व निजी दोनों क्षेत्रों में निराशाजनक प्रदर्शन दर्ज हुआ है।

bhaskar news | Last Modified - Jan 10, 2018, 05:14 AM IST

  • युवा आबादी का फायदा उठाने में रोड़ा न बनंे चुनावी नीतियां
    श्रुति गुप्ता, 18 कमला नेहरू कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी

    पिछले साल की अंतिम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं को मतदाताअों के रूप में रजिस्ट्रेशन कराने और विकास के लिए वोट देने के लिए प्रोत्साहित किया। जीडीपी के ताज़ा आंकड़ें अर्थव्यवस्था के फिलहाल धीमे होने का संकेत देते हैं, जो ‘न्यू इंडिया’ के विकास पर असर डाल सकता है। रोजगारहीन आर्थिक वृद्धि के कारण हाल के वर्षों में सार्वजनिक व निजी दोनों क्षेत्रों में निराशाजनक प्रदर्शन दर्ज हुआ है।

    एच1बी वीज़ा पर ट्रम्प प्रशासन के ताज़े फैसले से अमेरिका में मौजूद 7 लाख पेशेवरों के लिए खतरा पैदा हो गया है। राज्यसभा में कार्मिक राज्यमंत्री ने बताया कि 2014-15 की तुलना में एसएससी, यूपीएससी और रेलवे भर्ती बोर्ड के पदों में 12 हजार की कमी आई है और केंद्र सकार की सीधी भर्ती 2013 के मुकाबले 89 फीसदी घट गई है।


    बॉम्बे शेयर बाजार में सूचीबद्ध देश की शीर्ष कंपनियों में नए भर्ती कर्मचारियों की संख्या 2015-16 के 1.23 लाख की तुलना में 66 हजार रह गई है। मैनेजमेंट अथवा इंजीनियरिंग की डिग्रीयां कभी जॉब सिक्योरिटी की दृष्टि से देखी जाती थीं पर अब परिदृश्य निराशाजनक है। एसोचैम ने हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया कि दूसरी श्रेणी के बिज़नेस स्कूस के केवल 20 फीसदी ग्रेजुएट के पास ही जॉब ऑफर थे। सरकार स्टार्टअप इंडिया या मुद्रा योजना को इस संकट के समाधान के रूप में आगे बढ़ा रही है लेकिन, वास्तविकता यह है कि 10 हजार करोड़ रुपए की स्टार्टअप इंडिया स्कीम के तहत 5.66 करोड़ रुपए ही जारी किए जा सके हैं। जबकि, सरकार ने मुद्रा योजना के तहत ब्याज दर को बाजार दर से ऊंचा रखा है।


    बेरोजगारी और निराशाजनक अवसर और रोजगार की कतार में खड़े 12 करोड़ युवाओं के चलते युवा अाबादी में जो फायदा देखा गया था वह इसे संकट में बदल सकता है। चुनावी वर्ष के पहले लोकलुभावन नीतियां भी रोजगार बढ़ाने की उम्मीद के समाने चुनौती के समान है। युवा आबादी का फायदा हमने नहीं उठाया तो उसका परिणाम हमें तब भुगतना पड़ेगा जब देश में औसत आयु बढ़ना शुरू होगी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Talking About Man Ki Baat
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Editorial

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×