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शेयर बाजार में गिरावट विदेशी अनिश्चितता के कारण तो नहीं

सरकार भी किसी हस्तक्षेप से पहले इसी रणनीति का पालन कर रही है।

Dainik Bhaskar

Feb 07, 2018, 06:03 AM IST
talking about share market

शेयर बाजार की मंगलवार की गिरावट हैरान करने वाली है, लेकिन इसका न तो कोई एक कारण है और न ही इसे लेकर अर्थव्यस्था को परेशान होने की जरूरत है। निश्चित तौर पर सेंसेक्स में एक दिन में करीब 1000 अंकों और निफ्टी में 300 अंकों की गिरावट का एक निष्कर्ष यही निकाला जा रहा है कि शेयर बाजार एनडीए सरकार का आखिरी बजट स्वीकार नहीं कर रहा है। वजह है कि इस बजट में दीर्घकालिक पूंजी प्राप्ति कर (लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स) लगाया गया है जो कॉरपोरेट जगत को अच्छा नहीं लगा, लेकिन गिरावट की वजहें सिर्फ घरेलू नहीं है। सोमवार शाम अमेरिकी शेयर बाजार डाउजोंस 1175 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ जो पिछले छह साल में सबसे बड़ी गिरावट है।

यह गिरावट एशिया के दूसरे बाजारों में भी दर्ज की गई है, इसलिए भारतीय वित्त सचिव हंसमुख अधिया सेंसेक्स की गिरावट को विदेशी प्रभाव मान रहे हैं। फिर भी वे वित्त मंत्री और दूसरी संस्थाओं के प्रमुखों से वार्ता करके हस्तक्षेप करने की जुगत भी भिड़ा रहे हैं। कारण चाहे जो हों, पिछले तीन दिनों में भारतीय निवेशकों को 9.6 लाख करोड़ का घाटा हुआ है और बैंकिंग, ऑटो, मीडिया, एफएमसीजी, मेटल, फार्मा, रियल्टी, पावर, आयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल सभी क्षेत्रों के शेयर गिरे हैं। अमेरिकी शेयर बाजार डाउजोंस के पतन के पीछे वह अनिश्चितता बताई जा रही है जो फेडरल रिजर्व के नए प्रमुख जेरोम पावेल के दो दिन पहले कार्यभार संभालने से पैदा हुई है। बाजार को लग रहा है कि वे तेजी से धन वापस खीचेंगे और बांड में लगाएंगे क्योंकि वहां ज्यादा आमदनी हो रही है।

दूसरी तरफ तेल के बढ़ते दामों के कारण मुद्रास्फीति बढ़ने का डर भी है। भारतीय स्थितियां भी तेल के दाम बढ़ने से आने वाली महंगाई से डरी है और ऊपर से इस बजट में सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य का स्तर बढ़ाने की घोषणा करके उस आशंका को और बल दिया है। व्यवसायी बुधवार को होने वाली रिजर्व बैंक की दरों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। स्थितियां जटिल हैं और जब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं बढ़ रही हों तो शेयर बाजार का गिरना विडंबना लगती है। फिलहाल इंतजार करने और धैर्य रखने का समय है। सरकार भी किसी हस्तक्षेप से पहले इसी रणनीति का पालन कर रही है।

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