Hindi News »Abhivyakti »Jeene Ki Rah» Vijay Shankarmehta Talking About Divine And Nature

अपने लिए मांगें तो संसार के लिए भी मांगें

दोनों जीवन के उतार-चढ़ाव को समझाने में अपने-अपने तरीके अपनाते हैं।

vijay shankar mehta | Last Modified - Jan 10, 2018, 05:00 AM IST

  • अपने लिए मांगें तो संसार के लिए भी मांगें
    पं. िवजयशंकर मेहता

    सभी लोग वृद्धि चाहते हैं। जो भी अपने पास है वह और बढ़ जाए, ऐसी इच्छा और प्रयास सभी करते हैं। जो भक्त हैं, जिनको भगवान पर भरोसा है उनको परमात्मा दो तरह से वृद्धि प्रदान करता है। जब ऊपर वाला कुछ देता है तो आस्था बढ़ जाती है और जब नहीं देता है तो धैर्य में वृद्धि हो जाती है। कुल मिलाकर परमात्मा और प्रकृति प्रतिपल हमें कुछ न कुछ दे रहे हैं, सिखा रहे हैं। ये दोनों जीवन के उतार-चढ़ाव को समझाने में अपने-अपने तरीके अपनाते हैं।

    प्रकृति परमात्मा का स्वरूप होती है। बदलता मौसम भी मनुष्य को बहुत कुछ सिखाता है। इन दिनों बहुत ठंड पड़ रही है, आप असहज होंगे, कामकाज में रुकावट आ रही होगी, इन सब रूप में प्रकृति हमारी परीक्षा ले रही है। हो सकता है वह कुछ ऐसा दे रही है, जो शायद दूसरे मौसम में न मिले। इसलिए धैर्य मत छोड़िए और हर हाल में प्रकृति व परमात्मा का आभार जरूर व्यक्त कीजिए। यदि परमात्मा और प्रकृति के निकट जाना चाहें तो एक काम और कीजिएगा।

    अपने, अपने परिवार और कारोबार के लिए तो सब कुछ न कुछ मांगते ही रहते हैं, मांगना भी चाहिए, लेकिन जब अपने लिए मांग रहे हों तो कुछ संसार के लिए भी जरूर मांगिए। यदि आप ईश्वर से अपने लिए सुख की मांग करें तो उसी समय संसार को भी सुख मिले, ऐसी कामना भी अवश्य करें। जिस दुनिया में आप रहते हैं, यदि उसके लिए भी मांगना शुरू कर देंगे तो शायद यह दुनिया भी आपको कुछ अच्छा ही लौटाएगी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Vijay Shankarmehta Talking About Divine And Nature
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Jeene Ki Rah

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×