इंडियन वॉलीबॉल टीम की दहलीज पर बिहार की बेटी, साई में हुआ था सिलेक्शन

7 वर्ष पहले
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भागलपुर. अगर आपमें जोश और जुनून है तो मंजिल दूर नहीं होती। बस इसी जज्बे ने भागलपुर की ब्यूटी को वॉलीबॉल में परवान चढ़ा दिया और आज वो पूरे सूबे का मान बढ़ा रही है। तमिलनाडु में चल रहे नेशनल चैंपियनशिप फेडरेशन कप में इंडियन रेलवे की स्टार अटैकर जिस बिहार की बेटी ब्यूटी का जलवा है, उसने सैंडिस कंपाउंड में वालीबॉल का ककहरा सीखा है। रांची स्थित साई में हुआ था चयन...
रांची स्थित साई में हुआ था चयन
मात्र 14 साल की उम्र में वालीबॉल के शौक ने उसे गांव से शहर ला दिया। मूल रूप से मंझौल (बेगूसराय) की रहने वाली ब्यूटी कहती है सपने को उड़ान देना था, सो गांव से भागलपुर आ गई। ब्यूटी के भागलपुर के प्रदर्शन के आधार पर ही रांची स्थित साई (स्पोर्ट्स अॉथोरिटी ऑफ इंडिया) ने उसका चयन किया था और उसके बाद वह झारखंड स्टेट की टीम में शामिल हो गई। बाद में जब रेलवे में नौकरी लगी तो वह पश्चिम बंगाल की टीम की ओर से खेलने लगी। ब्यूटी तिलकामांझी मोहल्ले में किराये के मकान में रहती थी और रोज सुबह-शाम सैंडिस में प्रैक्टिस करने जाती थी।
2006 में झारखंड टीम में हुई शामिल
ब्यूटी बताती हैं, उसने 2004 में ही खेलना शुरू किया और उसी साल बिहार की सब जूनियर टीम में चयनित हो गई। घरेलू मैच में अच्छे प्रदर्शन के कारण वह टीम की बाद में कप्तान भी बनी। 2005 में जूनियर टीम की कप्तान बनी और कर्नाटक के कोपा में राज्य का प्रतिनिधित्व किया। 2006 में साई में चयन होने के बाद वह झारखंड टीम में शामिल हो गई। 2009 में ग्वालियर में आयोजित सातवें नेशनल सीनियर वॉलीबॉल चैंपियनशिप में पहली बार झारखंड क्वार्टर फाइनल तक पहुंच पाई थीं।

10 साल की मेहनत लाई रंग

भागलपुर के कोच नीलकमल राय ने बताया कि मात्र 10 साल की मेहनत के बाद ब्यूटी ने ब्यूटी ने मुकाम हासिल किया। उसके अटैक जबरदस्त हैं। उसके आगे प्रतिद्वंद्वी चित हो जाते हैं। लंबी हाइट के कारण नेट से बॉल गिराने में उसका जवाब नहीं।

2012 में मिला था बेस्ट अटैकर का खिताब
ब्यूटी के प्रयास से ऑल इंडिया साई मीट में इस्ट जोन काे पहला स्थान मिला। ब्यूटी ने बताया कि 2011-12 के बीच इस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी में दो बार रांची को चैंपियनशिप का खिताब दिलाया। ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी वालीबॉल में टॉप फोर में रांची की टीम रही। 2010 में ब्यूटी को जूनियर नेशनल टीम में कोचिंग के लिए चयन किया गया। 2012 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में बेस्ट अटैकर का खिताब भी मिला। 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम में झारखंड टीम से खेलने का मौका मिला।
2013 में साउथ इस्टर्न रेलवे ने ब्यूटी को खेल कोटे से दी नौकरी
2013 में ब्यूटी को खेल कोटे से साउथ इस्टर्न रेलवे ने नौकरी दी। वह अभी भी प. बंगाल के आद्रा स्टेशन पर लिपिक के रूप में पदस्थापित है। इसी साल यूपी के मुरादाबाद में सीनियर नेशनल में प. बंगाल का प्रतिनिधित्व किया। टीम चौथे स्थान पर रही थी। 2014 में ऑल इंडिया इंटर रेलवे की टीम में शामिल होने के बाद रामपुर, जयपुर, ग्वालियर, विशाखापत्तनम, मुरादाबाद व बेंगलुरु में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 2015-16 में इंडियन रेलवे का प्रतिनिधित्व किया और गोल्ड मेडल हासिल किया।
प्रतिभा की धनी है ब्यूटी
रांची साई के अंतरराष्ट्रीय कोच शेखर बोस ने बताया कि ब्यूटी भागलपुर में बहुत कुछ सीख चुकी थी। इसके बाद उसे नेशनल चैंपियनशिप के लिए कुछ टिप्स भी साई ने दिए। वह झारखंड टीम से लगातार छह साल तक खेली। उसकी प्रतिभा सराहनीय है।

भारतीय टीम में चयन तय
इंडियंस वुमंस टीम की कप्तान पूर्णिमा ने बताया कि ब्यूटी का भारतीय टीम में चयन तय है। वह इंडियन रेलवे में मेरे साथ खेल रही है। मैं भी इंडियन रेलवे टीम की ही सदस्य हूं। ब्यूटी के किक व एस अटैक जबरदस्त होते हैं। जल्द वह ही टीम इंडिया में दिखेगी।