पहले किया अपहरण और फिर पहचान खुलने के डर से दिया मार

8 वर्ष पहले
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बेगूसराय. नौ वर्षीय पीयूष का अपहरण उसके पड़ोसियों ने ही किया और उसकी हत्या करने के बाद परिजनों से फिरौती की रकम भी वसूल ली। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने छह अपहर्ताओं को पौने पांच लाख रुपये फिरौती की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया है। चार मोबाइल, एक बाइक, बच्चे की बेल्ट भी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में कृपाशंकर, राहुल, चंदन कुमार, अनुपम कुमार, तुफानी कुमार, कन्हैया कुमार हैं। गौरव, प्रिंस व राहुल ने टॉफी दिलाने के बहाने पियूष का अपहरण कर लिया था व अपहृत के घर से कुछ ही दूरी पर कृपाशंकर के मकान में 24 घंटे तक रखा। अगले दिन खांजहांपुर ले जाकर प्रताप कुमार की नानी के घर छिपा कर रखा।

पड़ोसी ने ही मांगी थी फिरौती की रकम

20 लाख रुपए का इंतजाम कीजिये नहीं तो बच्चे को मार दिया जायेगा। आवाज बदलने में माहिर अपहृत के पड़ोसी राहुल ने ही मृतक के पिता मुकेश कुमार से बार-बार आवाज बदल कर फिरौती की रकम मांगी।

अपहर्ताओं को जानता था

5 मार्च को हेमरा स्थित घर से पीयूष का अपहरण करने के बाद अपहर्ताओं ने बच्चे की हत्या 8 मार्च को ही कर दी थी। अपहर्ताओं को चिंता थी कि अगर बच्चे को सही सलामत छोड़ दिया गया तो वह अपहरण में शामिल गौरव, प्रिंस और कृपाशंकर का नाम पुलिस को बता देगा। प्रिंस उन्हें जानता था। ज्ञातव्य है कि पटना के एक्जीबिशन रोड में फिरौती की रकम दी गई थी।

आईआईटी की करते थे तैयारी

मोबाइल के इएमआईई का क्लोनिंग कर फर्जी कागजात के आधार पर लिये गये सिम से अपहर्ता फिरौती मांग रहे थे। हजारों फोन की एनालिसिस करने के बाद अपहर्ता राहुल को पुलिस ने सबसे पहले पकड़ा जिसके बाद उक्त गिरोह का पर्दाफाश हो सका। 20 वर्ष से भी कम उम्र के सभी आरोपियों में से 4 छात्र जहां इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे थे वहीं दो आदतन अपराधी है। एक दो दिन में एक और बच्चे का अपहरण करने की योजना थी।

मां और पिता के एकाउंट में रखी थी फिरौती की रकम

पीयूष के परिजन से वसूले गये आठ लाख की फिरौती में से तीन लाख प्रिंस, प्रताप तथा गौरव ने रख लिये तथा पांच लाख रुपये राहुल को मामला ठंडा पडऩे पर बांट लेने के लिए दिए गए। राहुल ने अपने अनपढ़ मां बाप के नाम पर पीएनबी में नया एकाउंट खोलवाया व उसमें फिरौती की रकम जमा कर दी।