भागलपुर। बिल्कुल फिल्मी अंदाज में बैखौफ अपराधियों ने मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के मनोहरपुर मोड़ के समीप गुरुवार को दिन के बारह बजे बीच सड़क पर कुख्यात अपराधी शंकर उर्फ पनडुब्बी यादव (45) की गला रेत कर हत्या कर दी। वह लोदीपुर थाना क्षेत्र के चौधरीडीह गांव निवासी स्व. किशुन यादव का पुत्र और चार बीबियों का पति था। मृतक अपराधिक चरित्र का व्यक्ति था और हाल के दिनों में वह जेल से छूट कर बाहर आया था। पांच बाइक सवार अपराधियों ने इस बारदात को अंजाम दिया है। चार थानों की सीमा विवाद में करीब घंटे भर लाश बीच सड़क पर पड़ा रहा। हबीवपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है।
क्यों हुई हत्या
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पनडुब्बी यादव अपना घर छोड़ कर कजरैली थाना क्षेत्र के बभनगामा में चौथी पत्नी के साथ रहता था। इस दौरान जमीन खरीद-बिक्री करने वालों से रंगदारी की उगाही करता था। पिछले माह मनोहपुर निवासी राजेश यादव ने कजरैली थाना में रंगदारी को लेकर श्रीलाल यादव और पनडुब्बी यादव सहीत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया था। ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार को प्रमोद यादव के जमीन पर पनडुब्बी यादव अपने तीन-चार साथियों के साथ रंगदारी लेने पहुंचा था। इस बीच पांच बाइक सवार करीब दर्जन भर अपराधी हरवे-हथियार के साथ पहुंचा और दोनों के बीच कहा सुनी हो गई। विपक्षी की संख्या अधिक रहने के कारण पनडुब्बी यादव भागने लगा। अपराधियों ने उसे पहले दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इसके बाद मनोहरपुर मोड़ के समीप बीच सड़क पर गला रेत कर हत्या कर दी और सभी अपराधी मनोहरपुर के रास्ते भाग निकले। दिलचस्प बात है कि इस पूरे घटना क्रम को भीड़ की शक्ल में सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों ने देखा। लेकिन किसी ने अपराधियों का न तो विरोध किया और न ही पुलिस को सूचना दी।
दो दर्जन से अधिक था मुकदमा
मृतक अपराधी पनडुब्बी यादव पर शहर के अलग-अलग थानों में हत्या, रंगदारी, अपहरण, लूटपाट, मारपीट, बम विस्फोट अधिनियम, आर्म्स एक्ट जैसे संगीन मामलों में शहर के अलग अलग थानों में मामला दर्ज था।
एक घंटे तक सड़क पर पड़ा रहा शव
मधुसूदनपुर, नाथनगर, हबीवपुर और कजरैली के थाने को हत्या की खबर मिलने के करीब घंटे भर बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। लेकिन सीमा विवाद बता कर किसी ने शव को नहीं उठाया। बाद में एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद हबीवपुर थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया। मधुसूदनपुर की पुलिस मृतक की पत्नी से बयान लेने पोस्टमार्टम हाउस पहुंची।
पनडुब्बी यादव का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। लेकिन प्रारंभिक जांच में जमीन खरीद बिक्री करने वालों से रंगदारी लेने का मामला सामने आ रहा है।
वीणा कुमारी, सिटी डीएसपी, भागलपुर
नम आंखों से दी गई शदीद को आखरी सलामी
जमुई। श्रीनगर (जम्मू एंड कश्मीर) से 70 किमी दूर अमर अकबर इलाके में शहीद आर्मी के जवान मुन्द्रिका राणा का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके पैतृक गांव खैरिया (लक्ष्मीपुर) पहुंचते ही लोगों की आंखें नम हो गई। शहीद जवान को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे हुए थे। अंतिम संस्कार के पूर्व आर्मी के अधिकारी, एसडीओ सहित कई अधिकारियों ने अंतिम सलामी ली। इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ दाह संस्कार कर दिया गया। शहीद जवान के ताबूत पर उनकी पत्नी और दो पुत्रियां, पिता, भाई व भाभी का रो-रो कर बुरा हाल था। गौरतलब हो कि विगत छह मई को ड्यूटी के दौरान मुन्द्रिका राणा पर बज्रपात हो जाने से वह शहीद हो गए थे।