भागलपुर. भागलपुर पुलिस का नया कारनामा सामने आया है। दर्ज केस के अनुसंधान में आरोपियों को निर्दोष और दोषी ठहराने का खुला खेल भी जारी है। अनुसंधानकर्ता ने एक केस में 20 साल पूर्व स्वर्ग सिधार चुके लालजी साह से बात कर न सिर्फ बयान दर्ज किया है। बल्कि, घटना के वक्त उसकी मौजूदगी भी दिखा दी है।
हैरतअंगेज कि अनुसंधानकर्ता के अनुसंधान को सिटी एएसपी वीणा कुमारी ने भी पर्यवेक्षण में सत्य करार दिया है। सुनने में अटपटा लगता है। लेकिन ऐसा ही हुआ है। ऐसा पुलिस ने किया है। इस पुलिसिया जांच पर उंगली उठने लगी है।
भीखनपुर के एसएस सहाय रोड निवासी अजीत कुमार साह के करीब दो लाख रुपए वापस नहीं करने पर लोहापट्टी के मन्नू उर्फ मनोज कुमार साह के खिलाफ कोतवाली थाना में मामला दर्ज कराया गया था। दुकानदार अजीत साह ने प्राथमिकी में कहा है, कि मन्नू साह से मोहद्दीनगर मोहल्ले स्थित 522 वर्ग फीट जमीन दो कमरों सहित सवा दो लाख रुपए में खरीदने की बात तय हुई थी।
कोर्ट पेपर पर एग्रीमेंट किया गया। इसके बाद अजीत ने जमीन मालिक मन्नू को 1 लाख 92 हजार 620 रुपए का भुगतान कर दिया। शेष रजिस्ट्री के समय भुगतान करने की बात तय हुई, लेकिन एग्रीमेंट के छह साल बाद भी मन्नू साह ने न जमीन रजिस्ट्री की और न ही रुपया वापस किया। उसने जमीन कुतुमगंज निवासी विनोद यादव की पत्नी विनिता देवी को बेच दी।
मामला कोतवाली थाने पहुंचा और थाना कांड संख्या 87/14 में विभिन्न धाराओं के तहत मन्नू साह के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। कांड का अनुसंधानकर्ता सअनि विभूतिशरण पांडेय को बनाया गया। एमएम रोड स्थित लोहापट्टी स्थित घटनास्थल पर अनुसंधानकर्ता ने अपनी जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया है, कि उत्तर में लालजी साह की मनिहारी की दुकान है।
पुलिस के पूछताछ में लालजी साह यह बताते हैं कि घटना के दिन दुकान पर कोई मारपीट व गाली गलौज नहीं हुई थी। जबकि वे 20 साल पहले मर चुके थे।
दिवंगत लालजी साह से पुलिस ने कहलवाया-
घटना के दिन दुकान पर कोई मारपीट व गाली-गलौज नहीं हुई थी। कांड के सूचक अजीत साह को छोटी-मोटी बातों पर लड़ते देखा है।
जब तक मामला मेरे सामने नहीं आएगा, तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता। यदि यह बात सच होती है। तो मामले की जांच कराई जाएगी। - विवेक कुमार, एसएसपी, भागलपुर