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नक्सलियों से मुठभेड़ में 4 नक्सली ढेर, दो जवान जख्मी

8 वर्ष पहले
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गया. नक्सलियों और सशस्त्र बलों के बीच गुरूवार को मुठभेड़ हो रही है। दोपहर 12 बजे से शुरू गोलीबारी देर रात तक रह-रह कर हो रही है। सशस्त्र बलों ने गया-औरंगाबाद की सीमा पर लेंगुराही के जंगल में हथियारबंद नक्सली दस्ते को घेर रखा है। इस मुठभेड़ में दो सीआरपीएफ जवान घायल हुए हं। चार नक्सलियों को भी गोली लगी है। इस जंगल में करीब एक सौ हथियारबंद नक्सलियों के छिपे होने की संभावना है।

मुठभेड़ शुक्रवार तक चल सकती है। सशस्त्र बलों ने नक्सली दस्ते के भागने के रास्ते को सील कर रखा है। रात में नाईट विजन डिभाईस का इस्तेमाल अर्द्धसैनिक बलों द्वारा किया जा रहा है। संभव है शुक्रवार को कुहासा छंटने के बाद अर्द्धसैनिक बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन में हेलीकाप्टर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हथियारबंद नक्सली दस्ते की सूचना पर बुधवार की देर रात से घेराबंदी शुरू की गई थी।

इस ऑपरेशन में गया-औरंगाबाद की पुलिस के अलावा बिहार एसटीएफ, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और औरंगाबाद में तैनात सीआरपीएफ की 153 बटालियन के जवानों व अधिकारियों को शामिल किया गया है। जंगल के अंदर घेराबंदी जैसे-जैसे सिकुड़ रही थी कि सशस्त्र नक्सलियों ने एक मोरचा पर बढ़ रहे 153 बटालियन के सीआरपीएफ जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

इधर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। गोलीबारी में सीआरपीएफ जवान अरविन्द कुमार चैधरी (मुजफ्फरपुर निवासी) गोली लगने से बुरी तरह जख्मी हो गया।

सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल जेवियस (तमिलनाडु निवासी) को पैर में गोली लगी है। इन्हें हेलिकॉप्टर से तत्काल रांची अपोलो हॉस्पिटल भेजा गया है। दोनों घायल सीआरपीएफ जवानों का प्राथमिक उपचार अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कालेज अस्पताल, गया के चिकित्सकों द्वारा गया हवाई अड्डा पर किया गया।

कुहासे से कार्रवाई में परेशानी : डीआईजी
करीब सौ की संख्या में हथियारबंद नक्सलियों को घेरा गया है। मुठभेड़ में चार नक्सलियों को गोली लगी है। घायल नक्सलियों को देखा गया है, जो नक्सली दस्ते के साथ हैं। सर्च ऑपरेशन जारी है। भौगोलिक स्थिति एवं कुहासे के कारण सशस्त्र बलों को परेशानी हो रही है।

उमेश कुमार,डीआईजी सीआरपीएफ
सरकारी कार्यालय व बैंक का भी काम ठप
जमुईत्न बीते 22 जनवरी की रात से 24 घंटे तक नक्सलियों द्वारा बंद करने के आह्वान का जमुई में व्यापक असर रहा। गौरतलब है कि नक्सलियों ने पिछले 5 जनवरी को सिकंदरा के पाठकचक जंगल में हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ को झूठा बताते हुए इस बंदी का आह्वान किया था। इस मुठभेड़ में एक नक्सली जोसेफ हासदा मारा गया था। इस बंदी से जमुई और चकाई बाजार पूरी तरह बंद रहा। वहीं प्रखंड कार्यालय व बैंक का कामकाज भी ठप रहा। इधर झाझा में भी बंदी के कारण जन-जीवन प्रभावित रहा।

विध्वंसकारियों के निशाने पर एनटीपीसी
गणतंत्र दिवस के अवसर पर विध्वंसकारियों के गड़बड़ी फैलाने की संभावना को देखते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर जिले के कहलगांव स्थित नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन में सुरक्षा एजेंसी को हाई अलर्ट कर दिया गया है। प्लांट के अधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार परियोजना के सभी मुख्य कार्यस्थल और अवासीय परिसर की सुरक्षा बढ़ायी गयी है।

इस दौरान सभी मुख्य प्रवेश गेटों और संवेदनशील स्थलों पर तलाशी अभियान शुरु कर दिया गया है। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस विद्युत परियोजना में कार्यरत केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, प्राईवेट सुरक्षा एजेंसी और स्थानीय पुलिस मिलकर संपूर्ण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को कारगर बनाने में लगी हुई है। आतंकवादी एक तरफ जहां टे्रन व राज्य के प्रमुख ठिकानों को अपना निशाना बना सकते हैं तो वहीं नक्सली काला दिवस मनाने के साथ नक्सल प्रभावित इलाकों के थानों पर हमला कर हथियार लूटने की योजना पर अमल कर सकते हैं। खुफिया विभाग ने इन बातों का खुलासा अपनी रिपोर्ट में भी की है।