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जानिए विश्व का सबसे बड़ा नालंदा विश्वविद्यालय, क्यों और किसने जला दिया

7 वर्ष पहले
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गया. अत्यंत सुनियोजित ढंग से और विस्तृत क्षेत्र में बना हुआ नालंदा विश्वविद्यालय प्राचीन दुनिया का संभवत: पहला विश्वविद्यालय था, जहां न सिर्फ देश के, बल्कि विदेशों से भी छात्र पढ़ने आते थे। इस विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम ने 450-470 ई. के बीच की थी। पटना से 88.5 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और राजगीर से 11.5 किलोमीटर उत्तर में स्थापित इस विश्वविद्यालय में तब 12 हजार छात्र और 2000 शिक्षक हुआ करते थे। dainikbhaskar.com इस पैकेज में नालंदा विशवविद्यालय के बारे में कुछ बातें बता रहा है। इस पैकेज में प्रयोग की गई तस्वारों का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए गया है।
गुप्तवंश के पतन के बाद भी सभी शासक वंशों ने इसकी समृद्धि में अपना योगदान जारी रखा। लेकिन एक सनकी और चिड़चिड़े स्वभाव के तुर्क लुटेरे ने नालंदा विश्वविद्यालय को जला कर इसके अस्तित्व को पूर्णत: नष्ट कर दिया।
आगे की स्लाइड्स में जानें आखिर क्यों उस तुर्क लुटेरे ने किया ऐसा, साथ में जानें नालंदा विश्वविद्यालय से जुड़ी कुछ और बातें...