गया. मगध विश्वविद्यालय में हुए 22 प्राचार्यों की अवैध नियुक्ति मामले में कई बड़ी हस्तियां फंसेंगी। इस विवि के तत्कालीन कुलपति और चयन समिति के अध्यक्ष डा. अरुण कुमार के अलावा वर्तमान कुलसचिव डा. डी. के. यादव, चुने गए प्राचार्य और चयन समिति के कई सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होगी।
निगरानी की टीम ने शनिवार को कुलसचिव समेत कई अधिकारियों से पूछताछ की। कुलसचिव ने साफ कहा-मैंने जो कुछ भी किया, तत्कालीन वीसी के आदेश पर किया। निगरानी डीएसपी और मामले के जांच अधिकारी महाराजा कनिष्क कुमार सिंह ने बताया कि गड़बड़ी के साक्ष्य मिले हैं।
शीघ्र ही केस दर्ज होगा। कनिष्क ने बताया कि चयनित प्राचार्य डा. शमषुल इस्लाम बीए पास कोर्स हैं, जिस पर 8 अंक निर्धारित है। लेकिन उन्हें आॅनर्स का 11 अंक दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक अन्य चयनित प्राचार्य डाॅ. सुमन के शोध पत्रों की जांच की गई है। कनिष्क ने कहा कि इस मामले में पटना उच्च न्यायालय का 157 पृष्ठों का फैसला काफी अहम है। इसमें गड़बड़ी संबंधी कई बिन्दुओं को उठाया गया है।